रतलाम : प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह जादौन दुर्घटनाग्रस्त, मीडियाकर्मियों ने पहुंचाया अस्पताल, एसपी अमित कुमार ने जानी कुशलक्षेम, जांच करवाने की कही बात
रतलाम पुलिस में पदस्थ प्रधान आरक्षक शुक्रवार रात को दुर्घटनाग्रस्त हो गए। उन्हें मीडियाकर्मियों ने शहर के जीडी हॉस्पिटल में भर्ता कराया। एसपी उनकी कुशलक्षेम जानी और बेहतर उपचार की ताकीद की।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । पुलिस विबाग की डीएसबी शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक योगेंद्र सिंह जादौन शुक्रवार देर शाम पावर हाउस रोड पर रतलाम प्रेस क्लब के पास एक हादसे में घायल हो गए। मीडियाकर्मियों ने उन्हें जीडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। प्रारंभिक जांच में ब्रेन एडिमा (मस्तिस्क में सूजन) पाया गया है। एसपी अमित कुमार ने अस्पताल पहुंचकर जादौन की कुशलक्षेम जानी और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के लिए कहा। उन्होंने घटना की जांच कराने की बात भी कही है।
दुर्घटना शाम 7.30 से रात 8.00 बजे के दौरान तब हुआ जब प्रधान आरक्षक बाइक से पावर हाउस से गुजर रहे थे। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसी बीच फोटो जर्नसलिस्ट दुर्गेश पंवार और देवेंद्र लिम्बोदिया अपनी बाइक से सैलाना बस स्टैंड तरफ से दोबत्ती तरफ जा रहे थे। भीड़ देखकर दोनों मीडियाकर्मी रुके और तत्काल ऑटो रिक्शा रुकवा कर प्रधान आरक्षक को जीडी हॉस्पिटल लेकर रवाना हो गए। उन्होंने रतलाम प्रेस क्लब भवन में उपस्थित मीडियाकर्मियों प्रदीप नागौरा, भेरूलाल टांक, तौफीक पठान सहित अन्य साथियों को भी सूचित किया और मदद के लिए सीधे जीडी अस्पताल पहुंचने के लिए कहा।
परिजन को दिया संबल
जीडी अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने जादौन का परीक्षण और प्रारंभिक उपचार शुरू कर दिया। इधर, जानकारी मिलते ही एसपी अमित कुमार सहित अन्य पुलिस अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने उपचार कर रहे चिकित्सकों से चर्चा कर प्रधान आरक्षक जादौन का बेहतर से बेहतर उपचार करने के लिए कहा। एसपी ने जादौन के परिजन से भी चर्चा कर उन्हें संबल प्रदान किया।
हाथ-पैर हो गए सुन्न, कुछ समझ नहीं आया
मीडियाकर्मी पंवार के अनुसार घायल जादौन से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि उनके हाथ-पैर सुन्न हो गए हैं। उन्हें कुछ भी समझ नहीं आ रहा है कि वे कहां है और उनके साथ क्या है। पंवार ने बताया जादौन ने हेलमेट पहन रखा था इसलिए उन्हें सिर में चोट नहीं दिखी जबकि जिस जगह हादसा हुआ वहां लोहे का पोल है और शायद उससे उनका सिर भी टकराया था। जानकारी के अनुसार जादौन को सर्वाइकल संबंधी समस्या है और उनका उपचार भी चल रहा है।
जरूरी हुआ तो बाहर भेजेंगे, हादसे की करवाएंगे जांच
एसपी अमित कुमार ने एसीएन टाइम्स को बताया कि प्रथमदृष्टया ब्रेन एडिमा प्रतीत हो रहा है। घटना स्थल के फुटेज मिले हैं, उसमें किसी वाहन आदि से टक्कर की बात सामने नहीं आई है। आशंका है कि रक्तचाप में उतार-चढ़ाव के कारण घटना हुई। फिर भी हम बाइक की मैकेनिकल जांच भी करवाएंगे। अभी योगेंद्र जादौन का परीक्षण और उपचार चल रहा है। चिकित्सकों से बात हुई है, उन्हें बेहतर इलाज के लिए कहा गया है। यदि परिजन चाहते हैं तो उपचार के लिए बड़े सेंटर भी भेजा जाएगा।
यह तो अच्छी बात नहीं, आपकी मदद ही बचा सकती है किसी की जान

मीडियाकर्मी दुर्गेश पंवार ने एसीएन टाइम्स को बताया कि घटना के बाद काफी भीड़ लग गई थी लेकिन कोई भी घायल प्रधान आरक्षक जादौन को हाथ लगाने के लिए तैयार नहीं था। मैं और साथी योगेंद्र लिम्बोदिया ने काफी मशक्कत से उन्हें ऑटो रिक्शे में बैठाने का प्रयास किया तब जाकर कुछ लोग आगे आए। ऐसी घटनाओं में घायल होने वालों को समय पर उपचार मिल सके इसलिए ही सरकार द्वारा राहगीर योजना शुरू की गई है। इसलिए हर आमजन को चाहिए कि यदि कहीं किसी को इस तरह घायल अवस्था में पड़े देखते हैं तो उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद करें ताकि जान बच सके।
10 मिनट भी और देर होती तो...!
जीडी हॉस्पिटल में इलाज करने वाले डॉक्टरों के अनुसार योगेंद्र की रीढ़ की एक नस दबी थी। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने और समय पर उपचार मिलने से उनके आधे शरीर की हरकत (सक्रियता / संवेदना) बच गई। अभी ऊपर के आधे शरीर में हरकत नहीं है। यदि उन्हें अस्पताल पहुंचाने और उपचार मिलने में 10 मिनट भी और देर होती तो मुश्किल बढ़ सकती थी।
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