रॉयल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का शुभारंभ 3 अप्रैल को, मप्र शासन के दो कैबिनेट मंत्री सहित कई वीआईपी लोकार्पित करेंगे चिकित्सा की सौगात

1996 में रतलाम को कोटा की तरह एजुकेशन हब बनाने का संकल्प लेने वाले रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कदम रख दिया है। इसकी शुरुआत 300 बिस्तर वाले अस्पातल के रूप में हो रही है। 3 अप्रैल को यह सौगात लोकार्पित करने के लिए प्रदेश के दो कैबिनेट मंत्री सहित कई वीआईपी का जमावड़ा लगेगा।

रॉयल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का शुभारंभ 3 अप्रैल को, मप्र शासन के दो कैबिनेट मंत्री सहित कई वीआईपी लोकार्पित करेंगे चिकित्सा की सौगात

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के उपक्रम नवनिर्मित सर्वसुविधायुक्त रॉयल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का शुभारंभ 3 अप्रैल 2022 को दोपहर 12 बजे होगा। सालाखेड़ी स्थित रॉयल कैम्पस में 300 बेड वाली इस सौगात के शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि मप्र शासन के कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट एवं ओम प्रकाश सखलेचा होंगे। अध्यक्षता रतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप करेंगे।

संस्था के डायरेक्टर चर्चिल गुगालिया के अऩुसार समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, पश्चि रेलवे के पूर्व महाप्रबंधक अऩिल गुप्ता तथा मप्र बार काउंसिल के अध्यक्ष विजय चौधरी होंगे। इनके अलावा समाजसेवी खुर्शीद अनवर, उद्योगपति मेहमूद खान तथा समाजसेवी ओम अग्रवाल विशेष अतिथि होंगे।

अभी 90 बेड और 2 माह बाद 300 बेड होंगे उपलब्ध

डायरेक्टर चर्चिल गुगालिया के अनुसार हॉस्पिटल के सभी 300 बेड तीन अलग-अलग चरण में लोगों के लिए उपलब्ध होंगे। पहले चरण में 90 बिस्तर उपलब्ध होंगे। दो माह के अंतराल में सभी 300 बेड की क्षमता के साथ अस्पताल शुरू होगा। डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजल के अनुसार अस्पताल सुपरिटेंडेंट पूर्व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र शर्मा होंगे।

1996 में लिया संकल्प लगातार ले रहा आकार

बता दें कि रॉयल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस ने 1996 में रतलाम को कोटा की तरह एजुकेशन हब बनाने का संकल्प लिया था। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए आब इंस्टीट्यूशंस द्वारा चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में कदम बढ़ा रहा है। इसकी शुरुआत हॉस्टपटल एंड रिसर्च सेंटर के रूप में हो रही है और जल्दी ही रतलाम को चिकित्सा महाविद्यालय की सौगात मिलेगी। इंस्टीट्यूशंस के संचालक प्रमोद गुगालिया के अनुसार आगामी दिनों में नर्सिंग और पैरामेडिकल के विभिन्न कोर्स प्रारंभ किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में करियर बनाने में आसानी होगी।

ये सुविधाएं उपलब्ध होंगी अस्पताल में

  • बीपीएल वार्ड का निर्माण भी किया गया है जहां आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का इलाज सस्ती दर पर किया जा सकेगा।

  • 3 ओटी (ऑपरेशन थिएटर) उपलब्ध होंगे जिसमें एक मॉड्यूलर, एक गायनिक और एक माइनर ओटी होगी।

  • 300 बेड में से 75 बेड ऑक्सीजन सक्शन वाले हैं क्योंकि नियमानुसार 100 बेड पर 25 फीसदी बेड ऑक्सीजन सक्शन वाले होना जरूरी हैं।

  • मरीज के सुपरविजन के लिए चिकित्सक चार बार उनका चैकअप करेंगे।

  • प्रत्येक वार्ड में नर्सिंग स्टेशन की व्यवस्था की गई है।

  • सभी प्रकार के इंश्योरेंस व मेडिक्लेम की सुविधा उपलब्ध होगी ताकि कैशलेस उपचार मिल सके।

  • आयुष्मान कार्ड के लिए भी प्रोसेस कर दी गई है जिससे जल्दी ही इसके माध्यम से भी उपचार उपलब्ध होगा।

  • पूरा अस्पताल सीसीटीवी सर्विलांस पर होगा ताकि परिसर में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो सके।

  • सोलर सिस्टम से वाटर सप्लाई रहेगा।

  • फिलहाल 14 डॉक्टर अनुबंधित किए गए हैं जो बेड की संख्या बढ़ने के साथ ही बढ़ाए जाएंगे।

  • हर जगह आरओ वाला पानी उपलब्ध होगा ताकि मरीजों को पीने का पानी बाजार से न खरीदना पड़े।

  • 4 मंजिला भवन के हिसाब से 15 लोगों की क्षमता वाली लिफ्ट भी है। इसमें मरीजों को शिफ्ट किया जा सकेगा।

  • पूरा भवन फायर सेफ्टी सिस्टम से लैस है।

  • किसी भी प्रकार का हादसा आदि होने पर मरीजों को सुरिक्षात बाहर निकालने के लिए लिफ्ट, साढ़ियां और रैंप उपलब्ध है।

  • तत्काल उपचार शुरू हो सके इसलिए डिजिटल मशीन की व्यवस्था भी की गई है।

  • डायलिसिस और ईसीजी भी उपलब्ध है।  

  • आईसीयू, सेमी आईसीयू और वेंटिलेटर की भी व्यवस्था है।

  • वातानुकूलित जनरल वार्ड उपलब्ध हैं जिनमें महिला व पुरुष के लिए अलग-अलग वार्ड हैं। इसके अलावा प्राइवेट एवं डीलक्स वार्ड भी होंगे।

  • पैथालोजी में सभी प्रकार की जांचें होंगी। फिलहाल सेमी ऑटो एनालाइजर से जांचें होगीं। बाद में ऑटो एनालाइजर की सुविधा उपलब्ध होगी जिससे एक बार में करीब ढ़ाई सौ जांचें हो सकेंगी।

  • पूरा परिसर वाई-फाई जोन है जिससे मरीजों के परिजन को नेट कनेक्टिविटी की समस्या ना हो।

  • वातानुकूलित कैफैटेरिया भी है जहां 150 लोग आराम से बैठ सकते हैं।

  • सीसीटीवी सर्विलेंस, आरओ वाटर, ईपीबीएक्स, एंबुलेंस, जनरेटर, लिफ्ट, पार्किंग की समुचित व्यवस्था रहेगी।

  • बीपीएल ओपीडी में शुल्क 100 रुपए और जनरल ओपीडी में 200 रुपए रहेगा।

  • महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग 60 टॉयलेट का निर्माण भी किया गया है।

  • कोविड मरीजों के उपचार के लिए अप्रैल के बाद 60 बेड भी उपलब्ध होंगे जो 300 बेड में शामिल नहीं हैं।

  • अस्पताल परिसर में 100 कारों की पार्किंग की व्यवस्था भी रहेगी। जरूरत पड़ने पर पास ही में स्थित संस्थान की मालिकी की जमीन पर अतिरिक्त पार्किंग की व्यवस्था भी की जा सकेगी।

अस्पताल शुरू होने के बाद इन सुविधाओं का होगा विस्तार

  • सोनोग्राफी जांच की सुविधा।
  • हृदय रोगियों के उपचार के लिए ईको कार्डियोग्राफी की सुविधा होगी।
  • सिटी स्कैन और एमआरआई की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
  • कैम्पस में एटीएम सहित अन्य सुविधाएं भी रहेंगी ताकि लोगों को परेशानी न उठाना पड़े।
  • अभी अस्पताल भवन तीन मंजिला है और भविष्य में जरूरत पड़ने पर यह चार मंजिला तक विस्तारित किया जा सकेगा।
  • अगले एक माह में ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित कर दिया जाएगा।