पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर का बेटा आर्यन अब मां बन सकेगा; लिंग परिवर्तन करवाकर बना था लड़की, अब करवाई जेंडर अफर्मेशन सर्जरी
पूर्व क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर (पूर्व नाम आर्यन) ने अपनी जेंडर अफर्मेशन सर्जरी के बाद पहला हेल्थ अपडेट साझा किया है। जानें उनकी रिकवरी, भविष्य की योजनाएं और मां बनने की संभावनाओं पर पूरी जानकारी।
अनाया बांगर ने सर्जरी से पहले ही फ्रीज करवा लिए थे अपने 'स्पर्म'; अब सरोगेसी के जरिए बनेंगी मां
Anaya Bangar Update : भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व कोच और दिग्गज खिलाड़ी संजय बांगर (sanjay bangar) के परिवार से एक बड़ी और साहसी खबर सामने आई है। उनके बेटे आर्यन बांगर (Aryan Bangar), जिन्होंने खुद को स्त्री के रूप में स्वीकार करते हुए अपना जेंडर बदला है, अब आधिकारिक तौर पर 'अनाया बांगर' (Anaya Bangar) बन चुकी हैं। हाल ही में अनाया ने अपनी 'जेंडर कन्फर्मेशन सर्जरी' (Gender Affirmation Surgery) के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक हेल्थ अपडेट साझा किया है, जिसमें उन्होंने अपने इस कठिन लेकिन सुकून भरे सफर के दर्द और जीत की कहानी बयां की है।
अनाया बांगर ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपनी रिकवरी का एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में वे अस्पताल के गलियारे में एक नर्स की मदद से धीरे-धीरे कदम बढ़ाती नजर आ रही हैं। अनाया ने बताया कि सर्जरी के बाद शुरुआती चार दिन उनके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण थे। उन्हें चलने-फिरने में काफी तकलीफ हो रही थी, लेकिन अब वे धीरे-धीरे सामान्य हो रही हैं।
अनाया ने लिखा कि जेंडर ट्रांज़िशन की यह यात्रा केवल शारीरिक नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी थका देने वाली थी। उन्होंने बताया कि उन्हें हल्का दर्द और बेचैनी है, लेकिन यह उस सुकून के सामने कुछ भी नहीं है जो उन्हें अपनी असली पहचान पाकर मिला है। उन्होंने भारत के ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए भी आवाज उठाई और समाज से अपील की कि उन्हें भी सम्मान और सहयोग दिया जाए। अनाया को उम्मीद है कि वे अगले एक-दो हफ्तों में पूरी तरह स्वस्थ होकर अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेंगी।
इस नियम के कारण छिन गया प्रिय क्रिकेट का खेल
दरअसल, नवंबर 2023 में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एक नया नियम लागू किया था। इस नियम के मुताबिक, कोई भी खिलाड़ी जिसने 'पुरुष यौवन' (Male Puberty) का अनुभव किया हो, वह महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भाग नहीं ले सकता, भले ही उसने जेंडर सर्जरी करवा ली हो। अनाया ने भारी मन से यह स्वीकार किया कि अब वे प्रतिस्पर्धी महिला क्रिकेट का हिस्सा नहीं बन पाएंगी। उन्होंने अपने पोस्ट में इस बात का दुख भी जताया कि उनकी पहचान की वजह से उनसे वह खेल छीन लिया गया जिससे वे बेहद प्यार करती थीं। हालांकि, अनाया का कहना है कि आत्म-सम्मान और अपनी पहचान उनके लिए किसी भी खेल से बढ़कर है।
पूरी तरह बन गईं महिला
अनाया बांगर की जेंडर ट्रांज़िशन की प्रक्रिया जितनी साहसी है, उतनी ही सुनियोजित भी रही है। हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) और वैजिनोप्लास्टी जैसी जटिल सर्जरी से गुजरने के बाद अनाया अब शारीरिक रूप से पूरी तरह महिला बन चुकी हैं। इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि अनाया ने सर्जरी से काफी समय पहले ही अपने स्पर्म फ्रीज करवा लिए थे।
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पिता और परिवार ने दिया साथ
मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार, जेंडर बदलने के बाद प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करना संभव नहीं होता। लेकिन अनाया ने भविष्य में 'बायोलॉजिकल मां' बनने की संभावना को सुरक्षित रखा है। वे आने वाले समय में सरोगेसी (Surrogacy) के माध्यम से अपने ही अंश को जन्म दे सकेंगी। अनाया ने बताया कि उनके इस पूरे सफर में पिता संजय बांगर और पूरे परिवार ने उनका साथ दिया। यह कदम दिखाता है कि जेंडर ट्रांज़िशन केवल वर्तमान की खुशी नहीं, बल्कि भविष्य की प्लानिंग के साथ लिया गया एक परिपक्व फैसला है।
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क्या है जेंडर कन्फर्मेशन सर्जरी?
Gender Affirmation Surgery (GAS) : यह एक ऐसी सर्जिकल प्रक्रिया है जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति की शारीरिक विशेषताओं को उसकी लैंगिक पहचान (Gender Identity) के अनुरूप बदला जाता है। अनाया के मामले में, उन्होंने हार्मोन थेरेपी के बाद वैजिनोप्लास्टी करवाई।
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) का प्रभाव : अनाया ने बताया है कि HRT के कारण उनकी मांसपेशियों की ताकत (Muscle Mass) और एथलेटिक क्षमता कम हुई है, जो जैविक रूप से एक पुरुष से महिला में परिवर्तन का हिस्सा है। यही कारण है कि वे अब पुरुष वर्ग में नहीं खेल सकतीं और नियमों के कारण महिला वर्ग से बाहर हैं।
वैजिनोप्लास्टी (Vaginoplasty) : यह वह मुख्य सर्जरी है जो अनाया ने करवाई है, जिससे उन्हें शारीरिक रूप से महिला की पहचान मिली है।
अनाया का बड़ा संदेश
"मैं चाहती हूँ कि लोग हमें केवल हमारे जेंडर से न पहचानें, बल्कि हमारी इंसानियत और हमारे संघर्षों को भी समझें।"






