ऐसी संजीदगी जरूरी है ! जमीन पर इस तरह बैठकर फाइल टटोलने वाले अफसर कलेक्टर अजय कटेसरिया हैं; जिन्होंने अभिलेखागार में दशकों पुराने राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे खुद देखे

कलेक्टर अजय कटेसरिया ने तहसील अभिलेखागार में जमीन पर बैठकर दशकों पुराने राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे और मिसल रिकॉर्ड का निरीक्षण किया।

ऐसी संजीदगी जरूरी है ! जमीन पर इस तरह बैठकर फाइल टटोलने वाले अफसर कलेक्टर अजय कटेसरिया हैं; जिन्होंने अभिलेखागार में दशकों पुराने राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे खुद देखे
अभिलेखागार में कलेक्टर अजय कटेसरिया राजस्व रिकॉर्ड चैक करते हुए।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सिस्टम सुधारा जाना चाहिए, यह कहने वाले तो बहुत हैं, परंतु सिस्टम में घुसकर उसे सुधारने का प्रयास अपनी जवाबदेही के प्रति संजीदा लोग ही करते हैं। कलेक्टर अजय कटेसरिया की कार्यप्रणाली भी उन्हें ऐसे ही संजीदा अफसरों में शामिल करती है। लंबे अरसे बाद शहर और ग्रामीण तहसील कार्यालयों के अभिलेखागार में पहुंचकर किसी आईएएस अफसर ने खुद फाइलों की धूल झाड़ी, वरन् जमीन पर पंजों के बल उकड़ू बैठकर रिकॉर्ड का बारीकी से निरीक्षण किया।

आमतौर पर दफ्तरों में फाइलों के बीच होने वाली समीक्षा बैठकों से अलग सोमवार को रतलाम में कलेक्टर अजय कटेसरिया का एक अलग अंदाज देखने को मिला। कलेक्टर तहसील कार्यालय शहर एवं तहसील कार्यालय ग्रामीण स्थित अभिलेखागार पहुंचे। उन्होंने यहां रखे मिसल रिकॉर्ड, पुराने नक्शे, खसरा रिकॉर्ड, नामांतरण पंजी, रीनंबरिंग संबंधी अभिलेख तथा बंदोबस्त रिकॉर्ड की जानकारी ली। उन्होंने अभिलेखों में दर्ज जानकारी का अवलोकन करते हुए यह भी जाना कि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की भिन्नता अथवा विसंगति सामने आने पर उसका निराकरण किस प्रकार किया जाता है।

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1956-57 के नक्शे व अभिलेखों भी देखे

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वर्ष 1956-57 के पुराने नक्शों सहित विभिन्न पुराने राजस्व अभिलेखों को देखा। उन्होंने सभी तहसीलों से संबंधित मिसल रिकॉर्ड, अपराध पंजी, लेखा रिकॉर्ड तथा पुराने न्यायालयीन प्रकरणों से संबंधित अभिलेखों का भी अवलोकन किया। इसके साथ ही हल्का स्तर पर संधारित किए जाने वाले अभिलेखों की स्थिति के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की।

रिकॉर्ड की एक-एक कड़ी पर ली जानकारी

कलेक्टर ने पुराने राजस्व अभिलेखों के संधारण की व्यवस्था, रिकॉर्ड की वर्तमान स्थिति तथा उनमें दर्ज जानकारी के संबंध में अधिकारियों से विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि पुराने दस्तावेज किस स्थिति में रखे गए हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें आसानी से उपलब्ध कराने के लिए रिकॉर्ड व्यवस्था कितनी प्रभावी है।

उन्होंने अभिलेखागार में उपलब्ध पुराने दस्तावेजों एवं पंजीयों के व्यवस्थित संधारण, सुरक्षा और रिकॉर्ड की प्रामाणिकता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि पुराने राजस्व अभिलेख महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। इनका सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित रख-रखाव आवश्यक है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित रिकॉर्ड आसानी से उपलब्ध हो सके और उसकी प्रामाणिकता भी बनी रहे। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत वैशाली जैन सहित संबंधित राजस्व अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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