रतलाम के बेटे की उड़ान ! वेदांत ओझा संभाल रहा विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के पीछे की तकनीक, दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में निभा रहा अहम् भूमिका

रतलाम के सॉफ्टवेयर इंजीनियर वेदांत ओझा विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट की वेबसाइट, मोबाइल एप और बॉल ट्रैकिंग तकनीक पर कार्य कर रहे हैं। वे हाल ही में फ्रांस ओलंपिक टेनिस स्पर्धा से भी जुड़े रहे हैं।

रतलाम के बेटे की उड़ान ! वेदांत ओझा संभाल रहा विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट के पीछे की तकनीक, दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में निभा रहा अहम् भूमिका
रतलाम के बेटे वेदांत ओझा का कमाल।

फ्रांस ओलंपिक के बाद अब विंबलडन की मिली जिम्मेदारी जिम्मेदारी, भारत से इस भूमिका में कार्य करने वाले एकमात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर वेदांत

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । किसी भी बड़े खेल आयोजन में खिलाड़ियों का प्रदर्शन दुनिया देखती है, लेकिन उसके पीछे काम करने वाली तकनीकी टीम अक्सर सुर्खियों से दूर रहती है। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर के लिए गर्व की बात है कि यहां का एक बेटा वेदांत ओझा दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन को तकनीकी रूप से सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर वेदांत ओझा रतलाम की पत्रकार कॉलोनी निवासी शिक्षक विनीता और सेवानिवृत्त रेलकर्मी संजय ओझा के पुत्र हैं। वे वर्तमान में विंबलडन की डिजिटल और तकनीकी प्रणालियों पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले वे हाल ही में फ्रांस में आयोजित ओलंपिक खेलों की टेनिस स्पर्धा में भी अपनी तकनीकी सेवाएं दे चुके हैं। विशेष बात यह है कि इस भूमिका में कार्य करने वाले वे भारत के एकमात्र सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।

ये भी पढ़ें

दुनिया भर के खेल प्रेमियों तक पहुंच रही है उनकी तकनीक

वेदांत ओझा वर्तमान में विंबलडन की आधिकारिक वेबसाइट, मोबाइल एप्लीकेशन, ईवीएम (यूके) तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय टेनिस प्रतियोगिताओं से जुड़ी वेबसाइटों पर कार्य कर रहे हैं। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों खेल प्रेमी करते हैं।

इसके अलावा वे टेनिस में उपयोग होने वाली बॉल ट्रैकिंग (Ball Tracking) तकनीक पर भी कार्य कर रहे हैं, जिसे खेल जगत की सबसे जटिल और अत्याधुनिक तकनीकों में गिना जाता है। यह तकनीक मैचों के दौरान गेंद की गति, दिशा और सटीक स्थिति का विश्लेषण करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ये भी पढ़ें

रतलाम से वैश्विक खेल मंच तक का सफर

वेदांत ओझा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रतलाम स्थित श्री अरविंद सोसाइटी द्वारा संचालित श्री मातृ विद्या मंदिर तथा केंद्रीय विद्यालय से प्राप्त की। स्थानीय विद्यालयों से शिक्षा प्राप्त कर अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की तकनीकी टीम तक पहुंचना शहर के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।

29 जून से शुरू होगा विंबलडन

दुनिया का सबसे पुराना और सबसे प्रतिष्ठित टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन 29 जून से शुरू होने जा रहा है। लॉन टेनिस एसोसिएशन, लंदन द्वारा आयोजित यह टूर्नामेंट विश्व का एकमात्र ग्रैंड स्लैम है, जो आज भी प्राकृतिक घास (ग्रास कोर्ट) पर खेला जाता है। ऐसे प्रतिष्ठित आयोजन में रतलाम के युवा की महत्वपूर्ण तकनीकी भूमिका शहर और देश दोनों के लिए गौरव का विषय है।

वेदांत ओझा की उपलब्धि यह संदेश देती है कि वैश्विक मंच पर पहचान बनाने के लिए केवल खेल मैदान ही नहीं, बल्कि तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी भारतीय युवा अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

ये भी पढ़ें