परीक्षा की तैयारी ! भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 3 अक्टूबर को, रतलाम जिले में 5 हजार विद्यार्थियों होंगे शामिल
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 3 अक्टूबर 2026 को होगी। रतलाम जिले में करीब 5 हजार विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा की रतलाम जिले में तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। इस वर्ष परीक्षा 3 अक्टूबर (शनिवार) 2026 को दोपहर 12.00 से 1.00 बजे तक आयोजित की जाएगी। जिले में करीब 5 हजार विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य रखा गया है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा देशभर में व्यापक स्तर पर किया जाता है। संस्था के अनुसार, अब तक भारत के 20 प्रांतों सहित नेपाल के करीब 400 जिलों में लगभग एक लाख स्कूलों के विद्यार्थियों को इस परीक्षा से जोड़ा जा चुका है।
नौ भाषाओं में आयोजित होने वाली इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, अध्यात्म-विज्ञान और जीवन जीने की कला से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है। मध्यप्रदेश में इस परीक्षा की शुरुआत वर्ष 1994 में हुई थी। रतलाम जिले में भी उसी समय से गायत्री शक्तिपीठ डोंगरेधाम (शंकरगढ़) के माध्यम से परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है।
20 से अधिक स्कूलों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सहभागिता
जिला परीक्षा संयोजक गोपालसिंह तोमर ने बताया कि परीक्षा में अधिकाधिक विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, रतलाम के माध्यम से जिले के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को पत्र भेजकर विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल कराने का आग्रह किया गया है।
उन्होंने बताया कि रतलाम शहर के करीब 20 से अधिक स्कूलों के अलावा जावरा, आलोट, ताल, सैलाना, पिपलौदा, बाजना, रावटी, बिरमावल, रानीसिंग, नगरा, धमोत्तर और बांगरोद सहित विभिन्न क्षेत्रों से विद्यार्थियों को परीक्षा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को स्वाध्याय हेतु पाठ्यपुस्तक भी उपलब्ध कराई जाती है।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का होगा सम्मान
परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप तहसील, जिला एवं राज्य स्तर पर पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया जाता है। इसके साथ ही परीक्षा में विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ाने और बेहतर परिणाम के लिए योगदान देने वाले स्कूल प्राचार्यों एवं शिक्षकों का भी सम्मान एवं अभिनंदन किया जाता है।
गायत्री परिवार रतलाम के मीडिया प्रभारी पं. शिवपाल छप्री ने बताया कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहायक इस ज्ञानवर्धक परीक्षा के सफल आयोजन के लिए गायत्री परिवार के मुख्य ट्रस्टी पातीराम शर्मा, जिला समन्वयक आचार्य दामोदर प्रसाद शर्मा एवं सह समन्वयक डॉ. आई. पी. त्रिवेदी के मार्गदर्शन में जिले की सभी तहसीलों के गायत्री परिजन सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं।
गायत्री परिवार ने अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में अधिकाधिक संख्या में शामिल होकर इसका लाभ उठाने का आग्रह किया है।





