गृह मंत्री अमित शाह के पत्र ने जगाई पृथक भील प्रदेश के गठन की दिशा में प्रयास की उम्मीद, सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उन्हें भेजा था पत्र

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के भीलप्रदेश संबंधी पत्र की प्राप्ति की पुष्टि की है। डोडियार ने भील बहुल क्षेत्रों के विकास और पृथक भीलप्रदेश गठन की मांग उठाई थी।

गृह मंत्री अमित शाह के पत्र ने जगाई पृथक भील प्रदेश के गठन की दिशा में प्रयास की उम्मीद, सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उन्हें भेजा था पत्र
सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के पत्र का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिया प्रत्युत्तर।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार द्वारा मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास तथा पृथक भीलप्रदेश के गठन की मांग उठाई है। इस लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र भेजे थे। केंद्रीय मंत्री शाह को पत्र मिल गया है जिसकी पुष्टि उन्होंने डोडियार को पत्र भेजकर की है। इस पर विधायक ने उनकी मांग पर सकारात्मक प्रयास की उम्मीद जताई है।

विधायक डोडियार ने पत्र 14 जुलाई 2026 को लिखा था। इसमें उन्होंने भील बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास तथा पृथक भील प्रदेश के गठन” की आवश्यकता जताते हुए इसके फायदे भी गिनाए थे। गृह मंत्री अमित शाह ने 10 अगस्त 2026 को विधायक डोडियार को पत्र लिखकर उनका पत्र मिलने की जानकारी दी है। उन्होंने पत्र भेजने के लिए विधायक को धन्यवाद भी दिया है। हालांकि, गृह मंत्री के पत्र में भीलप्रदेश गठन की मांग को स्वीकार करने या गठन की प्रक्रिया शुरू करने का कोई निर्णय नहीं बताया गया है।

इधर, गृह मंत्री अमित शाह की ओर से पत्र मिलने की पुष्टि होने के बाद विधायक डोडियार ने उम्मीद जताई है कि भीलप्रदेश की मांग तथा भील बहुल क्षेत्रों के विकास को लेकर केंद्र सरकार इस विषय पर सकारात्मक पहल कर सकती है। डोडियार का कहना है कि उन्होंने यह मुद्दा केवल पृथक राज्य के गठन तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि भील बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं की स्थिति में सुधार के लिए भी केंद्र सरकार से ठोस पहल की मांग की है।

चार राज्यों के भील बहुल क्षेत्रों को लेकर उठाया मुद्दा

बता दें कि, विधायक डोडियार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भेजे विस्तृत पत्र में मध्यप्रदेश के साथ राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के भील बहुल क्षेत्रों को विकास की दृष्टि से विशेष प्राथमिकता देने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि इन क्षेत्रों में लंबे समय से विकास की असमानता बनी हुई है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सिंचाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण बड़ी आबादी प्रभावित है। डोडियार ने विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों से होने वाले रोजगार पलायन, कुपोषण, स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा संस्थानों के अभाव का मुद्दा उठाया था।

AIIMS, IIT और IIM जैसे संस्थान खोलने की मांग

विधायक ने पत्र में भील बहुल क्षेत्रों में AIIMS, IIT और IIM जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की स्थापना की मांग भी की थी। उनका तर्क था कि उच्च शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर मिलने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे क्षेत्रों में पलायन करने की आवश्यकता कम होगी। इसके साथ ही उन्होंने भील बहुल क्षेत्रों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज और दीर्घकालीन विकास योजना तैयार करने की मांग की थी।

उच्चस्तरीय समिति बनाने का भी था प्रस्ताव

डोडियार ने केंद्र सरकार से मध्यप्रदेश सहित संबंधित राज्यों के भील बहुल क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कराने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की थी। उनके प्रस्ताव के अनुसार समिति क्षेत्र की परिस्थितियों का अध्ययन कर अपनी अनुशंसाएं दे और संबंधित राज्य सरकारों से विचार-विमर्श के बाद, यदि उपयुक्त पाया जाए, तो संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत पृथक भीलप्रदेश के गठन की प्रक्रिया पर विचार किया जाए।

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