रतलाम में नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो, इंदौर के भागीरथपुरा जैसा हादसा न हो -रीना बोरासी

मप्र महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया ने रतलाम में प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने बलात्कार और भ्रष्टाचार का मुद्दा भी उठाया।

रतलाम में नागरिकों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो, इंदौर के भागीरथपुरा जैसा हादसा न हो -रीना बोरासी
पत्रकार वार्ता को संबोधित करती महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा है कि रतलाम में नागरिकों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का प्रबंध किया जाना चाहिए। रतलाम में इंदौर के भागीरथपुरा के जैसा हादसा होने का इंतजार नहीं करना चाहिए।दो दिन में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की करोड़ों रुपए की फसल नष्ट हो गई है, अतः उन्हें क्षतिपूर्ति की राशि दिलाने के लिए तत्काल सर्वे शुरू किया जाए। 

रीना बौरासी सेतिया यहां रतलाम प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित कर रहीं थीं। उन्होंने कहा कि रतलाम के ग्रामीण क्षेत्र में सरकार की नल-जल योजना के अंतर्गत ग्रामीण को पीने के लिए जो जल उपलब्ध कराया जा रहा है उसकी जांच करना जरूरी है। मुझे यह जानकारी है कि कई गांव में इस योजना के तहत जो पानी उपलब्ध कराया जा रहा है वह दूषित है। रतलाम नगर में भी ड्रेनेज की लाइन का चॉक होना आम बात हुआ है। इंदौर के भागीरथपुरा के जैसा हादसा होने से रतलाम में रोकने के लिए अभी से कड़े प्रबंध किए जाने की आवश्यकता है। यह ध्यान देना चाहिए कि इंदौर के भागीरथपुरा में हुए हादसे में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार 20 मौत से ज्यादा मानने को तैयार नहीं है।

बोरासी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा विधानसभा में नागरिकों के हित में आवाज उठाने के बाद भी सरकार ना तो इस मामले की चर्चा करना चाहती है और ना ही अब तक यह निश्चित हो सका है कि इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है। ऐसे में रतलाम के लोगों को भी यह समझ लेना चाहिए कि प्रदेश की सरकार उन्हें शुद्ध जल देने के लिए आगे नहीं आएगी। उन्हें खुद ही पीने का शुद्ध पानी प्राप्त करने के लिए नगर निगम पर दबाव बनाना पड़ेगा।

फोरलेन निर्माण में बना भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड 

उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग के द्वारा जावरा फाटक अंडर ब्रिज से जो चार लाइन सड़क का निर्माण किया गया है, उसने भ्रष्टाचार का रिकॉर्ड बनाया है। विभाग के अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी इंदौर की पृथ्वी इंफ्रास्ट्रक्चर के द्वारा मिलकर 17 करोड़ की राशि से घटिया निर्माण किया गया है। सेंट्रल लाइट की अंडरग्राउंड केबल लाइन को ऊपर से डालकर उस पर सीमेंट भर देना भ्रष्टाचार का जीता जागता प्रमाण है। बहुत जरूरी है कि यह पूरा मामला जांच के लिए लोकायुक्त को सौंपा जाए। 

उद्योगों ने दूषित किया पानी

रीना बौरासी सेतिया ने कहा कि रतलाम और उसके आसपास के क्षेत्र में उद्योगों के द्वारा केमिकल वेस्ट फैला दिए जाने के कारण भूमिगत जल दूषित हो रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाना चाहिए। 

किसानों को मिले मुआवजा 

उन्होंने कहा कि पिछले 2 दिन से बिना मौसम की बारिश हो रही है। इस बारिश के कारण किसानों की करोड़ों रुपए की फसल नष्ट हो गई है। जिला प्रशासन को चाहिए कि वह तत्काल सर्वे करा कर किसानों को राहत दिलाने की दिशा में प्रयास करे। रीना बौरासी सेतिया ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा लागू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना केवल नाम की योजना है। इस योजना में अपनी फसल का बीमा करने के लिए किसानों को पैसा तो भारी चुकाना पड़ता है लेकिन जब फसल नष्ट होती है तो उन्हें बहुत कम मुआवजा दिया जाता है। हाल ही में कांग्रेस के द्वारा मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र में यह मामला उठाया गया था। विधानसभा में सरकार के द्वारा यह जानकारी दी गई है कि फसल बीमा योजना की प्रीमियम के रूप में मध्य प्रदेश के किसानों के द्वारा 15000 करोड़ रुपए की राशि दी गई। इसके जवाब में मुआवजे के रूप में उन्हें केवल 5000 करोड़ रुपए की राशि मिल सकी है।

बालिका की मौत प्रशासन की नाकामी

उन्होंने कहा कि रतलाम के बाजना थाना क्षेत्र में मात्र 12 वर्ष की बालिका के साथ 26 साल के युवक के द्वारा दुष्कृत्य किए जाने की घटना निंदा जनक और चिंताजनक है। पूरे देश में मध्य प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है जिसमें की सबसे ज्यादा महिलाओं और बालिकाओं के साथ बलात्कार होते हैं। रतलाम की इस घटना में डर के मारे बालिका के द्वारा आत्महत्या कर लिया जाना पूरे सिस्टम की नाकामी है। मै मांग करती हूं कि इस घटना को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चला कर जल्द से जल्द इस आरोपी को फांसी की सजा दी जाना चाहिए। इस घटना से पीड़ित परिवार की मदद करने के लिए शासन और जिला प्रशासन को पहल करना चाहिए।

अवैध खनन को रोका जाएं

उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में खनन माफिया हावी है। कहीं पर अनुमति के नाम पर तो कहीं पर बिना अनुमति के खनन किया जा रहा है। रतलाम में भी ग्राम लुनेरा में पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास की पहाड़ी पर अवैध खनन किया गया। बाद में लोक निर्माण विभाग के द्वारा यह दावा कर दिया गया कि उनके द्वारा खनन की अनुमति दी गई थी। इस मामले में यह आपत्तिजनक है कि खनन की शिकायत करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ पुलिस ने ठेकेदार की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मुकदमे को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।