रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक और दो पर तात्कालिक रूप से टेंट लगाने का सुझाव

रतलाम के प्लेटफॉर्म नंबर एक और दो पर शेड नहीं होने से गर्मी में यात्रियों को परेशान होना पड़ रहा है। इसके तात्कालिक समाधान के लिए रेलवे को टेंट लगाने का सुझाव दिया गया है।

May 16, 2023 - 17:59
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रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म एक और दो पर तात्कालिक रूप से टेंट लगाने का सुझाव
रतलाम रेलवे स्टेशन। (फाइल फोटो)

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । गर्मी के भीषण रूप को देखते हुए रतलाम रेलवे स्टेशन के खुले शेड पर यात्रियों को राहत देने के लिए तत्काल टेंट की व्यवस्था की जाए। गर्मी में यात्री तेज धूप से परेशान हैं। प्लेटफॉर्म एक और दो काफी लंबे हैं। इन्हें शेड से ढंकने में महीनों लग सकते हैं। इसलिए ग्रीष्मकाल में फिलहाल टेंट लगाना उचित होगा। इससे गर्मी से राहत मिल सकेगी।

ये मांग सेवानिवृत्त बैंककर्मी तरनी प्रकाश व्यास ने मंडल रेल प्रबंधक की है। उन्होंने बताया कि रेल प्रशासन खुले प्लेटफॉर्म पर शेड लगाने का दावा कर रहा है।  इसमें उसे काफी वक्त लगेगा। शेड के लिए निविदा जारी करने से लेकर उसकी मंजूरी होने और फिर कार्यादेश जारी करने का लंबा कार्य करना पड़ेगा। वर्तमान में रतलाम में गर्मी प्रतिदिन रौद्र रूप दिखा रही है। शहर का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो और बढने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। 

व्यास ने बताया कि नवतपा के दिन भी आने वाले हैं। इसलिए समय रहते स्टेशन पर खुले प्लेटफॉर्म को ढंकने के लिए टेंट लगाए जाने आवश्यक है। ट्रेनों की आवाजाही के दौरान प्लेटफॉर्म पर महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चें गर्मी के कारण काफी परेशान हो रहे हैं। इसलिए रेल प्रशासन को अपने यात्रियों के हित में तत्काल राहत के कदम उठाना चाहिए।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।