पुलिस की पहल ! दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी रोकने के लिए ग्रामीणों की लेगी मदद, संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने की अपील की
दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर पत्थरबाजी की घटनाओं की रोकथाम के लिए रतलाम पुलिस ने ग्रामीणों से जनसंवाद किया। संदिग्ध गतिविधियों, शराबखोरी, स्टंट और पत्थरबाजी की सूचना तत्काल देने की अपील की गई।
पत्थरबाजी और उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
एसीएन टाइम्स रतलाम । दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेस-वे पर हो रही पत्थरबाजी की रोकथाम के लिए रतलाम पुलिस ने अब जनसहयोग लेने की भी पहल की है। एसपी अमित कुमार (भा.पु.से.) ने एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वैधानिक कार्रवाई के साथ ग्रामीणों से निरंतर संवाद शुरू किया। पुलिस ने ग्रामीणों से संदिग्ध एवं असामाजिक गतिविधियों की तत्काल सूचना पहुंचाने की अपील की है।
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इसी क्रम में एएसपी (रतलाम शहर) राकेश पंद्रो एवं सैलाना एसडीओपी लेखराज मीणा (आईपीएस) के मार्गदर्शन में डीएसपी सुरेंद्र सिंह गडरिया तथा थाना प्रभारी रावटी द्वारा ग्राम मोलावा के पंचायत भवन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ बैठक आयोजित की गई। इसमें मोलावा सरपंच नरेंद्र गरवाल, ग्राम देवपाड़ा सरपंच बद्रीलाल वसुनिया सहित गांव के पटेल, वरिष्ठ नागरिक, एक्सप्रेस-वे के आसपास रहने वाले दुकानदार एवं मकान मालिक शामिल हुए। बैठक में पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि एक्सप्रेस-वे के आसपास होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की समय पर सूचना मिलने से पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को रोकने के साथ तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि एक्सप्रेस-वे के आसपास यदि कोई व्यक्ति सड़क किनारे या सार्वजनिक स्थान पर शराब का सेवन कर उपद्रव करता दिखाई दे, संदिग्ध परिस्थितियों में घूमता मिले अथवा वाहनों की आवाजाही के दौरान किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि करता नजर आए तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए।
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रील, स्टंट और खतरनाक गतिविधियों पर भी नजर
पुलिस ने एक्सप्रेस-वे के आसपास रील बनाने, स्टंट करने या किसी अन्य खतरनाक गतिविधि में शामिल लोगों की जानकारी भी पुलिस तक पहुंचाने को कहा। इसके अलावा पत्थरबाजी की तैयारी अथवा घटना से संबंधित कोई जानकारी मिलने पर बिना देरी किए पुलिस को सूचित करने की अपील की गई। ग्रामीणों से अपने गांव और आसपास के बच्चों एवं युवाओं को भी समझाने का आग्रह किया गया कि एक्सप्रेस-वे पर पत्थर फेंकना, गुजरते वाहनों को निशाना बनाना अथवा सड़क पर किसी भी तरह का उपद्रव करना गंभीर और खतरनाक आपराधिक कृत्य है। ऐसी हरकत से वाहनों में सवार लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।
ग्रामीणों की सजगता बनेगी पुलिस की मदद
एक्सप्रेस-वे से लगे गांवों के निवासी अपने क्षेत्र की गतिविधियों से स्वाभाविक रूप से परिचित रहते हैं। ऐसे में किसी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की समय पर जानकारी पुलिस तक पहुंचने से संभावित घटनाओं को रोकने और त्वरित कार्रवाई में मदद मिल सकती है। रतलाम पुलिस द्वारा एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में पुलिस निगरानी के साथ जनसंवाद और ग्रामीणों के सहयोग को भी सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है।
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पत्थरबाजी और उपद्रव करने वालों पर सख्त कार्रवाई
पुलिस ने स्पष्ट किया कि एक्सप्रेस-वे पर वाहन चालकों और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पत्थरबाजी, वाहनों को क्षति पहुंचाने, उपद्रव अथवा अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। रतलाम पुलिस द्वारा एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में लगातार निगरानी और आवश्यक पुलिस कार्रवाई की जा रही है। साथ ही पड़ोसी जिले की पुलिस के साथ समन्वय कर एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।





