जावरा में पैलेस ग्राउंड से ही निकलेगा अनंत चतुर्दशी का चल समारोह, एक हजार से अधिक सशस्त्र जवान तैनात, RAF की दो कंपनियां संभालेंगी मोर्चा

मप्र के जावरा में अनंत चतुर्दशी पर पैलेस ग्राउंड से सकल हिंदू समाज का चल समारोह निकलेगा। मुस्लिम संगठनों की आपत्ति के बीच प्रशासन ने भारी सुरक्षा बंदोबस्त किया है। प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किए गए हैं।

जावरा में पैलेस ग्राउंड से ही निकलेगा अनंत चतुर्दशी का चल समारोह, एक हजार से अधिक सशस्त्र जवान तैनात, RAF की दो कंपनियां संभालेंगी मोर्चा
अनंत चतुर्दशी पर जावरा में निकलने वाले चल समारोह को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

मुस्लिम संगठनों ने 150 वर्षों से मोहर्रम और ईद मिलादुन्नबी के आयोजन का हवाला देकर जताई पैलेस ग्राउंड से चल समारोह निकालने पर आपत्ति

एसीएन टाइम्स @ जावरा । अनंत चतुर्दशी पर सकल हिंदू समाज का गणेश प्रतिमा विसर्जन चल समारोह शुक्रवार शाम 5.00 बजे पैलेस ग्राउंड से निकलेगा। मुस्लिम समाज द्वारा चल समारोह के स्थल को लेकर जताई गई आपत्ति और तीन दिन से बनी तनावपूर्ण स्थिति के चलते प्रशासन और पुलिस हाई अलर्ट मोड पर है। संवेदनशील माने जा रहे पैलेस ग्राउंड और पूरे समारोह मार्ग को सुरक्षा घेरे में लिया है। शहर में एक हजार से अधिक सशस्त्र जवानों की तैनाती की गई है। 2 रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) भी मोर्चा संभाले हुए हैं।

सकल हिंदू समाज की ओर से चल समारोह निकालने का निर्णय लिया गया है। इसके अनुसार चल समारोह में भजन गायिका शहनाज अख्तर, संत आनंद गिरि महाराज सहित अन्य संत शामिल होंगे। समारोह शाम 5 बजे पैलेस ग्राउंड से शुरू होकर गुन्ना चौक, जगन्नाथ महादेव, बजाजखाना, घंटाघर, कोठी बाजार, कामानी गेट, नीम चौक, गोर्धननाथ चौराहा, शुक्रवारीया, पिपली बाजार, जवाहर पथ और चूड़ी बाजार होते हुए जगन्नाथ महादेव पहुंचेगा। यहां से चल समारोह वापस पैलेस ग्राउंड लौटेगा।

पैलेस ग्राउंड के दोनों ओर बैरिकेडिंग, आवाजाही नियंत्रित

आयोजन स्थल को लेकर मुस्लिम संगठनों की आपत्ति के बाद से प्रशासन और पुलिस अलर्ट है। आयोजन निर्विघ्न संपन्न करवाने के लिए पैलेस ग्राउंड के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर क्षेत्र को नियंत्रित किया गया है। क्षेत्र में दोनों ओर अस्थाई पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। पूरे चल समारोह मार्ग को भी बैरिकेडिंग के माध्यम से पुलिस नियंत्रण में रखा गया है। ड्रोन से निगरानी की जाएगी और इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने वाली सामग्री पर नजर रखी जा रही है। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आंसू गैस सहित आवश्यक संसाधन भी तैयार रखे गए हैं।

5 कंपनियां बाहर से बुलाईं, 2 कंपनियां RAF की भी

जानकारी के अनुसार एहतियात के तौर पर छिंदवाड़ा, दतिया, इंदौर और जावरा बटालियन से पांच कंपनियां बुलाई गई हैं। इसके अलावा रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियां भी तैनात की गई हैं। गुरुवार शाम एसपी अमित कुमार, एएसपी विवेक कुमार लाल सहित पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्थिति में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी। शांति भंग करने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोनों पक्षों से चर्चा की गई है और चल समारोह को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। गुरुवार शाम को एसपी अमित कुमार के साथ सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च भी किया।

इसलिए हाई अलर्ट पर है सिस्टम

बता दें कि, चल समारोह पैलेस ग्राउंड से निकालने के निर्णय पर 23 सितंबर को ताजिया कमेटी, सीरत कमेटी सहित मुस्लिम संगठनों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पैलेस मैदान से चल समारोह निकाले जाने पर आपत्ति जताई थी। संगठनों का तर्क था कि इस मैदान का उपयोग करीब 150 वर्षों से मोहर्रम और ईद मिलादुन्नबी के धार्मिक आयोजनों के लिए होता रहा है। यहां अन्य धर्म का आयोजन होने से शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

वीडियो ने भी बढ़ाया तनाव

इधर, सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो भी प्रसारित हुए। एक बहुप्रसारित वीडियो में मुस्लिम पक्ष से जुड़े साबिर पटेल को चल समारोह नहीं निकलने देने की बात कहते हुए सुना जा रहा है। इसके बाद से प्रशासन और पुलिस बेहद सतर्क है तथा इंटरनेट व सोशल मीडिया पर निगरानी बढ़ा दी गई है। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो के आधार पर पुलिस ने कई लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया है। संबंधित लोगों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। कलेक्टर की ओर से भी प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं।

जमीन निजी, दबाव बनाने का अधिकार नहीं

इधर, इस मामले में सकल हिंदू समाज के राहुल उपमन्यु का कहना है कि प्रशासन और पुलिस को विगत 11 सितंबर को ही सूचना दे दी गई थी। शांति समिति की बैठक में भी चल समारोह निकालने का निर्णय हुआ था। चूंकि पैलेस ग्राउंड निजी भूमि है और इस पर आयोजन को लेकर किसी को दबाव बनाने का अधिकार नहीं है।

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