सड़क पर उतरी मोबाइल कोर्ट ! रतलाम में बिना वैध बीमे के दौड़ रहे 70 से 80 फीसदी वाहन, न्यायिक मजिस्ट्रेटों ने खुद संभाली यातायात नियमों की कमान
रतलाम में 70 से 80 प्रतिशत वाहन बिना वैध बीमा के चलने का खुलासा। बंजली बायपास पर मोबाइल कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेटों ने वाहनों की जांच कर चालानी कार्रवाई की।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर की सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के बीच एक ऐसी हकीकत सामने आई है, जो यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। जिले में 70 से 80 प्रतिशत वाहन बिना वैध बीमा के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसका खामियाजा सड़क दुर्घटना में प्रभावित होने वाले लोगों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ सकता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब यातायात नियमों का पालन कराने के लिए न्यायिक स्तर पर भी सख्ती और जागरूकता की पहल शुरू हुई है।
न्यायालयों में न्याय करने वाले न्यायिक मजिस्ट्रेट बुधवार को शहर की सड़कों पर मोबाइल कोर्ट के माध्यम से सड़कों पर उतरे तो वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडेय शासकीय मेडिकल कॉलेज के समीप बंजली बायपास पर 'मोबाइल कोर्ट चलित न्यायालय जिला रतलाम' के बैनर तले संचालित इस विशेष अभियान में दोपहिया और चार पहिया वाहनों के साथ ओवरलोड बसों की भी सघन जांच की गई। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर ही चालानी कार्रवाई की गई।
अभियान में न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र रावत, अनुपम तिवारी, विवेक माल, अरुण सिंह ठाकुर, बृजेश राजपूत, लवणीश जगदंडे और अनिल कुमार बामणिया शामिल रहे। इनके साथ औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी अमित कुमार कोरी, यातायात सूबेदार अनोखीलाल परमार तथा भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा।
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बीमा कागजी औपचारिकता नहीं, आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्था
अभियान के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र रावत ने एक महत्वपूर्ण तथ्य की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने बताया कि जिले में लगभग 70 से 80 प्रतिशत वाहन बिना वैध बीमा के संचालित हो रहे हैं। यह स्थिति केवल यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना के बाद आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी है।
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शहर के दूसरे हिस्सों में भी जारी रहेगा अभियान
न्यायिक मजिस्ट्रेट जितेंद्र रावत ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य वाहन चालकों को परेशान करना या केवल चालान काटना नहीं है। इसके पीछे मुख्य मंशा लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क सुरक्षा के प्रति जिम्मेदार बनाना है। उन्होंने बताया कि मोबाइल कोर्ट के माध्यम से शुरू किया गया यह विशेष चेकिंग अभियान आगे भी शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित रूप से जारी रहेगा।
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