भारतीय पायलट पर चाकू से हमला कर ओमानी को-पायलट ने इजराइल जा रहा विमान क्रैश कराने का किया प्रयास, घायल होने के बावजूद बचाई 180 यात्रियों की जान, नेतन्याहू और ट्रम्प ने की तारीफ

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई FZ1073 में ओमानी को-पायलट पर भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मचार पर हमला कर विमान को क्रैश करने की कोशिश का मामला सामने आया है। घायल कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को हमलावर तक पहुंचने में मदद की। विमान सऊदी अरब में सुरक्षित उतरा। इजरायली प्रधानमंत्री और अमेरिकी राष्ट्रपति ने कैप्टन की सराहना की है।

भारतीय पायलट पर चाकू से हमला कर ओमानी को-पायलट ने इजराइल जा रहा विमान क्रैश कराने का किया प्रयास, घायल होने के बावजूद बचाई 180 यात्रियों की जान, नेतन्याहू और ट्रम्प ने की तारीफ
दुबई के विमान में भारतीय पायलट पर हमला कर विमान क्रैश कराने की कोशिश विफल। भारतीय कैप्टन की हो रही प्रशंसा।

एसीएन टाइम्स @ डेस्क । दुबई से तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई विमान में उस समय हड़कंप मच गया, जब कॉकपिट के अंदर भारतीय मूल के मुख्य कैप्टन स्मित मचार पर हमला कर विमान को हाईजैक कर क्रैश कराने की कोशिश की गई। सनसनीखेज घटना को ओमानी को-पायलट ने चाकू से हमला कर अंजाम दिया। घायल होने के बावजूद भारतीय कैप्टन ने न सिर्फ एयर ट्रैफिक कंट्रोल को इमरजेंसी मैसेज भेजा बल्कि कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी सफलता हासिल की। जिसके चलते यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने आतंकी को काबू में कर लिया। कैप्टन की इस बहादुरी की तारीफ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित अन्य ने की है।

जानकारी के अनुसार फ्लाईदुबई का विमान FZ1073 दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रहा था। विमान में बड़ी संख्या में इजराइली नागरिक सवार थे। विमान 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था जिससे सऊदी अरब के ऊपर से गुजरते समय आपातकालीन स्क्वॉक सिग्नल प्रसारित किए गए। शुरुआती स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण इसे संभावित हाईजैकिंग की घटना माना गया और इजराइल में सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया। इजराइली लड़ाकू विमानों को भी विमान की ओर रवाना कर दिया गया।

उधर, विमान FZ1073 लगातार तेजी से नीचे की ओर जा रहा था। आपात स्थिति में विमान को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। घटना के बाद विमानन सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू कर दी।

मामला सामने आया हो सब रह गए दंग

बताया जा रहा है कि विमान के कॉकपिट में कैप्टन स्मित मचार के साथ ओमानी को-पायलट मौजूद था। उसने विमान चला रहे कैप्टन स्मित पर हमला कर विमान को नीचे ले जाकर क्रैश करने की कोशिश की। कैप्टन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल इमरजेंसी मैसेज एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भेज दिया। उन्होंने स्थिति संभाली और जैसे-तैसे कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों तथा अन्य क्रू से मदद मांगी जिन्होंने हमलावर को काबू में लिया।

हाईजैक की आशंका से इजराइल में मचा हड़कंप

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच दुबई से तेल अवीव आ रहे विमान से अचानक आपातकालीन संदेश भेजना गंभीर सुरक्षा संकेत माना गया। इसे इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों और सरकार ने गंभीर माना और इजराइली लड़ाकू विमानों को विमान की निगरानी के लिए रवाना कर दिया गया। प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी घटनाक्रम पर सुरक्षा अधिकारियों के साथ चर्चा की। बाद में विमान के सऊदी अरब में सुरक्षित उतरने के बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि विमान के भीतर हिंसक घटना हुई थी।

(चित्र X हैंडल Never October 7 से साभार)

हमलावर को ऐसे किया काबू

बताया जा रहा है कि कैप्टन के घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों को अंदर पहुंचने का अवसर मिला। इसके बाद उन्होंने मिलकर हमलावर को काबू में किया और उसे बांध दिया। हमलावर को काबू करने में एक इजराइली प्लंबर “य़निव हायुन” की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विमान की सुरक्षित लैडिंग के बाद उक्त इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उस व्यक्ति से मुलाकात की और पूरा घटनाक्रम सुनने के बाद उसका धन्यवाद अदा किया। नेतन्याहू ने कहा- “यनिव, तुम सच्चे नायक हो। हम शेरों का समुदाय हैं!”

नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन की सराहना की

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने ऑफिशियल X हैडल पर घटना की पुष्टि करते हुए भारतीय मूल के कैप्टन स्मिच मचार की भूमिका और साहस की सराहना की। उन्होंने लिखा- “भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मचार को उनकी असाधारण वीरता के लिए मेरा सलाम। चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने प्रतिकार किया, विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला, और यात्रियों व चालक दल को हमलावर पर काबू करने में सक्षम बनाया - जिससे हवा में एक विनाशकारी आपदा टल गई। उन्होंने 174 लोगों की जान बचाई, जिनमें इजरायली नागरिक और अन्य देशों के नागरिक शामिल हैं। मैं कैप्टन मचार के शीघ्र और पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ। वह एक सच्चे नायक हैं।”

9/11 जैसी बड़ी तबाही रोकी, ट्रम्प को भी बताई असाधारण बहादुरी

इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने CNN को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि ओमानी को-पायलट का इरादा 9/11 हमले जैसी घटना को अंजाम देने का था। उन्होंने कहा कि विमान के भारतीय पायलट ने को-पायलट का मुकाबला किया और 9/11 जैसी बड़ी तबाही को रोक लिया। इस असाधारण बहादुरी के कारनामे के बारे में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी बात की है। नेतन्याहू के अनुसार भारतीय पायलट ने एक ऐसी तबाही को टाल दिया जो न सिर्फ इजरायल के लिए बड़ी मुसीबत होती, बल्कि इसका ग्लोबल एविएशन पर भी असर पड़ता। उन्होंने कहा कि इजरायल को इस घटना के बारे में कोई चेतावनी या खुफिया जानकारी नहीं मिली थी और इसकी जांच चल रही है।

ट्रम्प ने भारतीय कैप्टन को हीरो बताया

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, कि- “मुझे लगता है कि यह एक अविश्वसनीय कहानी है। मैंने इस घटना के बारे में नेतन्याहू से विस्तार से बात की। जो जानकारी मिली उससे लगता है कि को-पायलट शायद कोई आतंकवादी या सनकी व्यक्ति था और उसने पायलट को चाकू मार दिया।”

ट्रंप ने घायल भारतीय कैप्टन स्मित की तारीफ करते हुए उन्हें हीरो बताया। उन्होंने कहा कि चाकू लगने के बाद पायलट की हालत बहुत खराब थी। इसके बावजूद वह कॉकपिट को खोलने में कामयाब रहे, जिससे दूसरे लोग अंदर आ सकें। कॉकपिट के दरवाजे ऐसा बनाया जाता है जो बाहर से नहीं खोला जा सकता। ट्रंप ने कॉकपिट में घुसकर हमलावर को-पायलट को काबू करने वाले इजरायली यात्री प्लंबर की भी तारीफ भी। जिसने हमलावर को सीट से खींचकर पीछे फेंक दिया जिसे बाद में अन्य यात्रियों ने पकड़ लिया।

विमान से भेजे गए आपातकालीन सिग्नल का ये है मतलब

Squawk 7700 - General Emergency : विमान में किसी गंभीर आपात स्थिति की सूचना देने के लिए 7700 कोड इस्तेमाल किया जाता है। यह मेडिकल इमरजेंसी, तकनीकी खराबी, आग या किसी अन्य गंभीर स्थिति में एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तत्काल खतरे की जानकारी देने का मानक तरीका है।

Squawk 7500 - Hijacking/Unlawful Interference : 7500 कोड का अर्थ विमान के अपहरण या किसी प्रकार के अवैध हस्तक्षेप की आशंका से जुड़ा होता है। इसे देखकर एयर ट्रैफिक कंट्रोल और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां स्थिति को अत्यंत गंभीरता से लेती हैं। फ्लाईदुबई की इस उड़ान के मामले में इन आपातकालीन संकेतों के कारण शुरुआती तौर पर संभावित हाईजैकिंग की आशंका पैदा हुई और इजराइली सुरक्षा तंत्र सक्रिय हुआ।