एक सुर, एक लय और एक ताल में हुआ ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम्’ का गान, वक्ता बोले- ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्र के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव जगाता है

रतलाम के सरस्वती शिशु मंदिर काटजू नगर में ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम्’ सामूहिक गान कार्यक्रम आयोजित हुआ। गोपाल काकानी ने वंदे मातरम् को राष्ट्र के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव जगाने वाला बताया।

एक सुर, एक लय और एक ताल में हुआ ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम्’ का गान, वक्ता बोले- ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्र के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव जगाता है
रतलाम के काटजूनगर में विद्या भारतीय द्वारा आयोजित नमामि भारतम् कार्यक्रम के दौरान हुआ वंदे मातरम् का सामूहिक गान।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने का अवसर राष्ट्रभक्ति के भाव को जागृत करने वाला है। वंदे मातरम् राष्ट्रगीत है और इसके भाव भारत माता के प्रति श्रद्धा तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं। यह बात विद्या भारती के मालवा प्रांत के प्रांतीय सचिव गोपाल काकानी ने सरस्वती शिशु मंदिर, काटजू नगर में आयोजित ‘नमामि भारतम्–वंदे मातरम्’ सामूहिक गान कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कही।

उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर देशभर में सामूहिक गान के माध्यम से राष्ट्रभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया जा रहा है। इसी क्रम में रतलाम में भी एक स्वर, एक लय और एक ताल में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अंतर्गत किया गया। आयोजन का उद्देश्य देशभर में लगभग एक करोड़ लोगों की सहभागिता के साथ सामूहिक वंदे मातरम् गायन के माध्यम से विश्व रिकॉर्ड के प्रयास में सहभागिता करना था।

मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय ने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत गीत है। इसके भावों को समझते हुए संपूर्ण गीत को आत्मसात करने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि रतलाम विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मनोहर पोरवाल ने वंदे मातरम् के सामूहिक गायन को भारत माता के प्रति सम्मान एवं देशभक्ति की भावना की अभिव्यक्ति बताया।

देश के ढाई हजार केंद्रों पर हुआ गायन

सरस्वती शिशु शिक्षा समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सखलेचा ने बताया कि देशभर के लगभग ढाई हजार केंद्रों पर भैया-बहिन एवं समाजजन एक कंठ, एक लय और एक स्वर में वंदे मातरम् का गायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की एकता और अखंडता का संदेश देने के साथ नई पीढ़ी को देश के ऐतिहासिक गौरव से परिचित कराने का माध्यम बनेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर पूजन-अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम की भूमिका विद्यालय की प्राचार्या वत्सला रूनवाल ने रखी। अतिथि परिचय कार्यक्रम संयोजक एवं समिति के सचिव शैलेंद्र सुरेका ने कराया।

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अतिथियों का स्वागत समिति के उपाध्यक्ष सुनील लाठी, सहसचिव धीरज व्यास, विनोद मूणत, जवाहर चौधरी, कपिल व्यास, प्रतिमा सोनटक्के एवं प्राचार्या वत्सला रूनवाल ने किया। सामूहिक वंदे मातरम् का गायन दीप्ति त्रिवेदी ने कराया, जबकि लक्षिका बामनिया ने एकल गीत प्रस्तुत किया। संचालन पूजा जोशी ने किया। आभार सह-संयोजक एवं समिति के उपाध्यक्ष सुनील लाठी ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्धजन, अभिभावक, भैया-बहिन तथा आचार्य-दीदी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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