रतलाम में 25 अक्टूबर को पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद का 24वाँ ज़ोनल अधिवेशन; OPS और 8वें वेतन आयोग समेत कई प्रमुख मांगें उठेंगी

पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद् का 24वाँ ज़ोनल अधिवेशन 25 अक्टूबर को रतलाम में होगा। केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर मुख्य अतिथि रहेंगी। अधिवेशन में OPS, 8वां वेतन आयोग और 8 घंटे ड्यूटी रोस्टर जैसे अहम मुद्दों पर मंथन होगा।

रतलाम में 25 अक्टूबर को पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद का 24वाँ ज़ोनल अधिवेशन; OPS और 8वें वेतन आयोग समेत कई प्रमुख मांगें उठेंगी
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद के जोनल संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा। समीप हैं अन्य पदाधिकारी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद् का 24वाँ ज़ोनल अधिवेशन आगामी 25 अक्टूबर 2026 को रतलाम में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) और 8वें वेतन आयोग समेत कई प्रमुख मांगें उठेंगी। कर्मचारियों के हितों से जुड़े सभी नीतिगत एवं व्यवहारिक मुद्दों पर भी मजबूती से बात होगी।

यह जानकारी परिषद के ज़ोनल संगठन महामंत्री शिवलहरी शर्मा ने रविवार को पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया इस वृहद आयोजन की मुख्य अतिथि केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर होंगी। विशेष अतिथि रेलवे संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष व मंदसौर-नीमच सांसद सुधीर गुप्ता तथा मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप रहेंगे।

शर्मा ने अधिवेशन की रूपरेखा, तैयारियों तथा रेलकर्मियों के ज्वलंत मुद्दों की जानकारी देते हुए बताया कि रेल कर्मचारियों की समस्याओं का त्वरित निराकरण, उनके लिए कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को लेकर अधिवेशन में बात होगी। इसमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली सहित विभिन्न मुद्दे शामिल हैं। प्रेस वार्ता के दौरान मंडल मंत्री पुष्पेंद्र पारासर, मंडल अध्यक्ष मुकेश मीणा, कार्यकारी मंडल अध्यक्ष जोगेंद्र सिंह राठौड़ तथा सहायक मंडल मंत्री एवं मीडिया प्रभारी धीरज प्रजापति मुख्य रूप से उपस्थित रहे। 

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इन मुद्दों पर होगी चर्चा

पुरानी पेंशन योजना : 2004 के बाद से सेवानिवृत्ति पर पुरानी पेंशन बंद कर दी गई थी। इसका भारतीय मजदूर संघ के 40 संघों ने विरोध किया। सरकार ने नई पेंशन (NPS) लाई और बाद में यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) शुरू की लेकिन संघ और परिषद ने इसका विरोध किया और आज भी पुरानी पेंशन योजना लागू करवाने के लिए संघर्षरत हैं।

वर्तमान वेतन संरचना के आधार पर बोनस की वास्तविक गणना : 2014 तक रेलवे में बोनस की सीलिंग लिमिट 3500 रुपए थी जो बाद में बढ़ाई गई और एरियर भी दिया गया। हमारा मांग वेतनदर के अनुसार बोनस की है।

8वें वेतन आयोग का गठन और इसे शीघ्र लागू करना : 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होना था लेकिन अब तक नहीं हो सका। हमारी मांग है कि इसे जल्द से जल्द लागू किया जाए। हमारी मांग यह भी है कि कर्मचारी का परिवार 4 यूनिट के बजाय 6 यूनिट का माना जाए, यानी परिवार में कर्मचारी के माता-पिता भी शामिल हों।

वरिष्ठ पर्यवेक्षकों (Senior Supervisors) को राजपत्रित (Gazetted) दर्जा प्रदान करना : अभी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति 4250 के वेतन पर होती है और वे इसी पद पर बने रहते हैं। हम चाहते हैं कि 25 प्रतिशत को राजपत्रित अधिकारी बनाया जाए। अन्य कर्मचारी संगठन ऐसा नहीं चाहते, इसके पीछे उनके अपने निहितार्थ हैं।

रेल संचालन और विस्तार के अनुपात में नए पदों का सृजन : रेल लाइनों और रेलगाड़ियों की संख्या का विस्तार लगातार हो रहा है। अतः नए पदों का सृजन इसी अनुसार होना चाहिए। गौरतलब है कि बहुत अर्से बाद 2000 पद सृजित हुए लेकिन अभी भी काफी आवश्यकता है।

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रेलकर्मियों के आश्रित माता-पिता को पूर्ण चिकित्सा व पास सुविधा : माता-पिता की देख-रेख और सुविधाओं का ध्यान रखना रेलकर्मियों की जिम्मेदारी है। अतः जो सुविधा उन्हें मिलती है, वही उनके माता-पिता को भी मिलें।

पैनलबद्ध निजी चिकित्सालयों में आपातकालीन व कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा : ये सुविधाएं सभी को मिलें और जोखिम वाले कार्यों में तैनात पात्र कर्मचारियों को सेफ्टी एवं हार्ड वर्किंग अलाउंस भी दिया जाए। 

सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा (LDC) सभी के लिए खोलना : यह परीक्षा अभी सबी सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। अतः इसे सभी के लिए खोलना (Open to All) चाहिए।

8 घंटे का ड्यूटी रोस्टर लागू करना : कई कर्मचारियो को अब भी 12-12 घंटे की कठिन ड्यूटी करना पड़ती है, यह अमानवीय है। अतः यह रोस्टर समाप्त कर व्यावहारिक 8 घंटे का रोस्टर लागू किया जाए।

भारतीय मजदूर संघ और पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद से हमेशा से निजीकरण का विरोध करती आई है और आगे भी विरोध करेगी।

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