22 जनवरी को MP में भी घोषित हो शासकीय अवकाश, जानिए- CM डॉ. मोहन यादव से किसने की यह मांग

अयोध्या में श्रीराम धाम में भगवान श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव देखने के लिए सीएम डॉ. मोहन यादव से मप्र में शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग की गई है।

Jan 14, 2024 - 18:09
Jan 14, 2024 - 19:05
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22 जनवरी को MP में भी घोषित हो शासकीय अवकाश, जानिए- CM डॉ. मोहन यादव से किसने की यह मांग
जय श्री राम।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । 22 जनवरी को अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम आयोजित होना है। इसे लेकर पूरे देश में उत्साह है। यह दिन दीवाली की ही तरह मनाया जाएगा। देश के कई राज्यों में इस दिन शासकीय अवकाश घोषित हो चुका है। इसी तरह मप्र में भी अवकाश घोषित करने की मांग रतलाम से उठी है।

यह मांग भारतीय जनता युवा मोर्चा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ट्वीट कर की है। उन्होंने बताया कि 22 जनवरी को अयोध्या में प्रभु श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होना है। इसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। रतलाम शहर से लेकर पूरे प्रदेश में भी उत्साह का माहौल है। हर कोई इस आयोजन को देखना चाहता है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होना है। सभी इस दिन का इंतजार कर रहे हैं। हर व्यक्ति के लिए अयोध्या जाकर प्राण प्रतिष्ठा देख पाना संभव नहीं है। सरकारी कर्मचारी हो या स्कूली विद्यार्थी, हर कोई टेलीविजन के माध्यम से प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम को देखने के लिए उत्सुक है। इसलिए 22 जनवरी के दिन शासकीय अवकाश घोषित किया जाए। इससे सभी इस आयोजन को पर देख सकें।यह दिन देश के इतिहास में लिखा जाएगा। इसकी ख़ुशी हर व्यक्ति मना सके, इसलिए अवकाश घोषित किया जाए।

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।