मीसाबंदी के प्लॉट पर कब्जे पर नहीं हुई कार्रवाई तो पूर्व गृह मंत्री का फूटा गुस्सा, SP के चैंबर के बाहर दिया धरना, अगले ही पल दर्ज हो गई FIR
रतलाम में मीसाबंदी के प्लॉट पर कथित अवैध कब्जे के मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी एसपी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए। मामले में FIR दर्ज, थाना प्रभारी पर जांच के निर्देश।
- एक सप्ताह तक कार्रवाई नहीं होने से भड़के पूर्व गृह मंत्री, बोले- न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन और पार्टी छोड़ने तक का करूंगा फैसला
- एसपी अमित कुमार को कार्यालय से बाहर आना पड़ा, थाना प्रभारी अनुराग यादव को तत्काल FIR दर्ज करने के निर्देश
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मीसाबंदी के प्लॉट पर कथित अवैध कब्जे के मामले में पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली और कार्रवाई में देरी को लेकर बुधवार को प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी का गुस्सा फूट पड़ा। वे अचानक एसपी कार्यालय पहुंचे और एसपी के चैंबर के बाहर जमीन पर धरने पर बैठ गए। शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज कोठारी के तेवर इतने तीखे थे कि अमित कुमार स्वयं चैंबर से बाहर आए और उनसे चर्चा की। बाद में वे उन्हें अपने कक्ष में लेकर गए। एसपी के निर्देश पर कुछ पल बाद पुलिस ने प्लॉट पर कब्जा करने वाले आरोपियों के विरुद्ध FIR दर्ज कर ली।
पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी कुछ दिन पूर्व अपने बचपन के साथी मीसाबंदी बसंत पुरोहित के साथ एसपी अमित कुमार से मिले थे। इस दौरान उन्होंने मीसाबंदी के प्लॉट पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया था कि पुरोहित द्वारा दीनदयालनगर थाने में शिकायत की लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करते हुए कोर्ट जाने की बात कह रही है। तब एसपी ने कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया था। करीब एक सप्ताह में जब शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पूर्व गृह मंत्री कोठारी का धैर्य जवाब दे गया। वे बुधवार को फिर एसपी कार्यालय पहुंच गए। इस पर उन्होंने एसपी से मुलाकात करने के बाजय उनसे चैंबर के बाहर ही धरना शुरू कर दिया।
जानकारी मिलते ही एसपी अमित कुमार चैंबर से बाहर निकले चर्चा कर कोठारी से चर्चा की। इस दौरान कार्यालय परिसर में राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ जमा हो गई। माहौल लगातार गर्माने लगा। एसपी नाराज कोठारी को अपने चैंबर में ले गए और विस्तार से चर्चा की। कोठारी ने उन्हें बताया कि करीब एक सप्ताह में भी दीनदयालनगर थाना पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही कब्जेधारियों के विरुद्ध कोई अन्य प्रभावी कार्रवाई ही हुई।
थाना प्रभारी तलब, दर्ज हुई एफआईआर
इससे एसपी ने तत्काल थाना प्रभारी अनुराग यादव को तलब किया और कब्जेधारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए। मामले ने तूल पकड़ने और पूर्व गृह मंत्री के धरने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया। थाना डीडी नगर पर अपराध क्रमांक 339/2026 धारा 329(1) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है।
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थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
पूरा मामला सामने आने के बाद सबसे ज्यादा सवाल थाना स्तर पर कार्रवाई को लेकर उठ रहे हैं। जब शिकायत पहले ही पुलिस तक पहुंच चुकी थी और पूर्व गृह मंत्री स्वयं मामले को लेकर एसपी से मिल चुके थे, तो फिर FIR दर्ज करने में इतनी देरी क्यों हुई? क्या स्थानीय स्तर पर शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया? क्या प्रभावशाली लोगों के कारण कार्रवाई टाली जा रही थी? क्या पीड़ित पक्ष को अनावश्यक इंतजार कराया गया? इन्हीं सवालों के बीच अब थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में आ गई है। इन्हीं सभी सवालों से हुई पुलिस की किरकिरी के चलते एसपी ने थाना प्रभारी के विरुद्ध प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं। अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है।
एसपी ने ये दी हिदायत
- आमजन की शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई हो।
- शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ लिया जाए।
- किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- किसी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा शिकायतों में लापरवाही बरती गई तो सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
आखिर क्या है पूरा मामला?
मामला थाना डीडी नगर क्षेत्र स्थित प्लॉट क्रमांक 237 और 238 से जुड़ा है। फरियादी शरद पिता वसंत पुरोहित (80), निवासी सुभाष मार्ग धानमंडी रतलाम ने थाना डीडी नगर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके स्वामित्व वाले उक्त प्लॉटों पर आरोपी कमलेश टांक एवं राजेश टांक द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। फरियादी ने बताया था कि प्लॉट की वैध रजिस्ट्री एवं संबंधित दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। इसके बावजूद आरोपी प्लॉट पर अपने वाहन खड़े करते हैं, विरोध करने पर विवाद कर और धमकी देते हैं।
अब पुलिस लगाएगी 7 दिवसीय विशेष शिविर
भूमि संबंधी विवादों और शिकायतों के बढ़ते मामलों को देखते हुए एसपी अमित कुमार के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय रतलाम के सभागृह में आगामी सात दिनों तक विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में जिलेभर के लोग भूमि संबंधी शिकायतें, दस्तावेज, कब्जे से जुड़े विवाद, लंबित प्रकरण लेकर पहुंच सकेंगे। पुलिस अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों का परीक्षण कर त्वरित वैधानिक कार्रवाई और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। लंबित भूमि विवादों के शीघ्र निराकरण के लिए संबंधित थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश भी दिए जाएंगे।
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“न्याय नहीं मिला तो आमरण अनशन करूंगा”
मामले में पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी ने पत्रकारों के समक्ष भी पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो वे पार्टी से अनुमति लेकर आमरण अनशन पर बैठेंगे। कोठारी यहीं नहीं रुके, उन्होंने यह तक कह दिया कि यदि इसके बाद भी न्याय नहीं मिला तो वे पार्टी छोड़ने तक का निर्णय ले सकते हैं। पूर्व गृह मंत्री के इस बयान को जिले की राजनीति में बड़े दबाव और असंतोष के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जिले की राजनीति में बड़ा संदेश
पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी का एसपी ऑफिस के बाहर धरने पर बैठना सामान्य घटना नहीं माना जा रहा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पुलिस व्यवस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और स्थानीय स्तर पर शिकायत निवारण की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि, यदि एक पूर्व गृह मंत्री को कार्रवाई के लिए धरने पर बैठना पड़ जाए, तो आम नागरिकों को न्याय कितनी आसानी से मिलता होगा?
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