विज्ञान के प्रति नई सोच और अवधारणाओं का बढ़ना सुखद, विद्यार्थी जीवन में सैद्धांतिक के साथ प्रायोगिक ज्ञान का अपना महत्व- डॉ. त्रिपाठी

इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना के तहत रतलाम जिले में विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। विद्यार्थियों द्वारा कार्य को सुगम बनाने वाले मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं।

Jan 9, 2024 - 23:57
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विज्ञान के प्रति नई सोच और अवधारणाओं का बढ़ना सुखद, विद्यार्थी जीवन में सैद्धांतिक के साथ प्रायोगिक ज्ञान का अपना महत्व- डॉ. त्रिपाठी
कार्यक्रम को संबोधित करते डॉ.

इंस्पायर अवॉर्ड में चयनित विद्यार्थियों के मॉडल प्रदर्शित

एसीएन टाइम्स @ रतलाम विज्ञान के प्रति नई सोच और अवधारणाओं का बढ़ना सुखद है। विद्यार्थी जीवन में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ प्रायोगिक ज्ञान का अपना महत्व है। विद्यार्थियों में विज्ञान मॉडल के माध्यम से नई सोच विकसित हो रही है। यह भविष्य के लिए सुखद है।

उक्त विचार जिला स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रोजेक्ट प्रतियोगिता ‘इंस्पायर अवॉर्ड’ में चयनित विद्यार्थियों के मॉडल की प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वेश त्रिपाठी ने व्यक्त किए। अध्यक्षता शासकीय कला एवं विज्ञान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. वाय. के. मिश्रा ने की। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष लालाबाई चंद्रवंशी तथा विशेष अतिथि शंभुलाल चंद्रवंशी रहे।

शिक्षकों द्वारा दिखाई गई रुचि प्रशंसनीय- शर्मा

जिला शिक्षा अधिकारी के. सी. शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि इंस्पायर अवॉर्ड आयोजन विद्यार्थियों को विज्ञान के प्रति आकर्षित करने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपने मन में उठती जिज्ञासाओं का समाधान भी करते हैं और अपने मॉडल के माध्यम से किसी नए उपकरण को सामने लाते हैं। ऐसे प्रयास सुदृढ़ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि रतलाम जिले से इंस्पायर अवॉर्ड में पंजीयन करवाने, आइडिया अपलोड करवाने तथा चयनित मॉडल को प्रदर्शित करने में विद्यार्थियों, शिक्षकों ने जो रुचि दिखाई है, वह प्रशंसनीय है।

शिक्षकों के भरोसे विद्यालय आते हैं विद्यार्थी- चंद्रवंशी

विशेष अतिथि शंभुलाल चंद्रवंशी ने कहा कि विद्यार्थी शिक्षकों के भरोसे विद्यालय आता है। माता-पिता भी आश्वस्त रहते हैं कि विद्यालय जाकर बच्चा अपना जीवन संवार रहा है। ऐसे में जब इस तरह का आयोजन सामने आते हैं तो लगता है कि विद्यार्थी न सिर्फ विद्यालय में बहुत कुछ सीख रहे हैं बल्कि उसे अपने जीवन में अपना भी रहे हैं।

5028 आइडिया अपलोड हुए, रतलाम प्रदेश में दूसरे स्थान पर

जिला विज्ञान अधिकारी जितेंद्र जोशी ने इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना प्रदर्शनी की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले के  विद्यार्थियों ने इस वर्ष 5028 आइडिया अपलोड किए थे और जिले को पूरे प्रदेश में द्वितीय स्थान दिलाया था। जिले के 117 मॉडल चयनित हुए, जो पूरे संभाग में सर्वाधिक है। इन चयनित मॉडल की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। यह प्रदर्शनी चंपा विहार परिसर में बुधवार तक जारी रहेगी। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे इस प्रदर्शनी का अवलोकन कर नई खोज के प्रति आकर्षित हों।

फीता काटकर किया शुभारंभ

इससे पूर्व सर्वप्रथम अतिथियों ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया तत्पश्चात प्रदर्शनी का अवलोकन किया। अतिथियों का स्वागत जिला शिक्षा अधिकारी शर्मा, जिला विज्ञान अधिकारी जोशी, एडीपीसी लोढ़ा, सुभाष कुमावत, वीरेंद्र मिंडा, ममता अग्रवाल, अरविंद गुप्ता, सुधीर गुप्ता, माधुरी फड़नीस, राजेंद्र अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर जिले के विद्यालय से आए शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद थे। सहायक नोडल अधिकारी अशोक लोढ़ा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए इंस्पायर अवॉर्ड मानक योजना की जानकारी दी। संचालन आशीष दशोत्तर ने किया। आभार उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य भाष कुमावत ने माना।

समापन बुधवार को होगा

जिला स्तरीय विज्ञान मॉडल प्रोजेक्ट प्रतियोगिता के दो दिवसीय आयोजन का समापन 10 जनवरी को दोपहर 3.00 बजे चंपा विहार में होगा। मुख्य अतिथि विधायक जावरा डॉ. राजेंद्र पांडेय, विशेष अतिथि गुजराती कॉलेज इंदौर के पूर्व प्राचार्य प्रो. पी. के. दुबे होंगे। अध्यक्षता कन्या महाविद्यालय रतलाम के प्राचार्य डॉ. आर. के. कटारे करेंगे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।