खुशियों का तालाब : 2 हजार से अधिक किसान परिवारों की खुशियों का जरिया बना कोटेश्वर सिंचाई तालाब, 22 हेक्टेयर में हो रही सिंचाई

जिले का कोटेश्वर सिंचाई तालाब 2 हजार से ज्यादा किसान परिवारों की आर्थिक समृद्धि का कारण बन गया है। इससे 22 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होने के साथ ही यह मछली पालन के काम भी आ रहा है।

Jun 30, 2023 - 02:35
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खुशियों का तालाब : 2 हजार से अधिक किसान परिवारों की खुशियों का जरिया बना कोटेश्वर सिंचाई तालाब, 22 हेक्टेयर में हो रही सिंचाई
कोटेश्वर सिंचाई तालाब।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिले में प्रथम फव्वारा पद्धति से निर्मित कोटेश्वर इमलीपाड़ा सिंचाई तालाब खुशियों का तालाब साबित हो रहा है। इसका फायदा 2000 से अधिक किसान परिवार उठा रहे हैं। यह महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना लगभग 22 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का सशक्त माध्यम बन गई है।

कोटेश्वर तालाब का निर्माण शासन द्वारा 69 करोड़ 63 लाख रुपए वहन करके किसानों की सिंचाई  सुविधा के लिए किया गया है। रतलाम तहसील के ग्रामीण क्षेत्र के करीब 13 गांव  तालाब से लाभान्वित हो रहे हैं। यह सिंचाई परियोजना इमलीपाड़ा गांव के अलावा रावलिया, खेड़ाखेड़ी, पिपलौदी, बावड़ीखेड़ा, पीपलखूंटा, उमरन, पिपलीपाड़ा, बसंतपुरा, कुण्डालपाड़ा एवं गुजरपाड़ा के 2354 किसान परिवारों के लिए वरदान बनी है। 

23.25 मीटर ऊंचे तालाब की 10 घनमीटर है कुल जल भराव क्षमता

तालाब निर्माण के पूर्व क्षेत्र के किसानों द्वारा परंपरागत खेती की जाती थी। तालाब निर्माण हो जाने के बाद अब किसान अमरूद, नींबू, पपीता जैसी ने उद्यानिकी फसल लेने में भी सक्षम हो गए हैं। अब क्षेत्र में उद्यानिकी खेती भी बहुत तादाद से की जा रही है। क्षेत्र के कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ जीवन स्तर में भी सुधार हुआ है। आसपास के भूजल स्तर में अपेक्षित वृद्धि हो गई है। मछली पालन रोजगार की सुविधा एवं मवेशियों को पीने का पानी उपलब्ध हो रहा है। दबावयुक्त सिंचाई प्रणाली से सिंचाई करने पर पानी की खपत कम होती है तथा किसान को सिंचाई के लिए ज्यादा मात्रा में पानी उपलब्ध रहता है। कोटेश्वर सिंचाई तालाब की अधिकतम ऊंचाई 23.25 मीटर है, कुल जल भराव क्षमता 10 घनमीटर की है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।