कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप की माता तेजकुंवरबाई का निधन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक

कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप की माता एवं समाजसेवी तेजकुंवरबाई काश्यप का 83 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक। 12 अक्टूबर को रतलाम में निकलेगी अंतिम यात्रा।

कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप की माता तेजकुंवरबाई का निधन, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया शोक
मंत्री चेतन्य काश्यप की माता तेजकुंवर बाई काश्यप का निधन।

लंबी अस्वस्थता के बाद मुंबई में ली अंतिम सांस, 12 अक्टूबर को रतलाम में निकलेगी अंतिम यात्रा

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मध्यप्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप की माता एवं धर्मपरायण समाजसेवी तेजकुंवरबाई काश्यप का रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मुंबई में लंबी अस्वस्थता के बाद निधन हो गया। वे 83 वर्ष की थीं। उनके निधन से काश्यप परिवार सहित धार्मिक, सामाजिक और सेवा क्षेत्र में शोक व्याप्त है।

दिवंगत तेजकुंवरबाई काश्यप की अंतिम यात्रा सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को सुबह 10:30 बजे उनके निवास ‘वीसाजी मेंशन’, स्टेशन रोड, रतलाम से निकलेगी। अंतिम यात्रा त्रिवेणी मुक्ति धाम पहुंचेगी। तेजकुंवरबाई काश्यप, मंत्री चेतन्य काश्यप एवं भावना-शैलेन्द्र मानावत की माता थीं। वे प्रसिद्ध युवा संगीतकार एवं उद्योगपति सिद्धार्थ काश्यप और श्रवण काश्यप की दादी तथा समीक्षा एवं सारांश की परदादी थीं। उनके निधन से परिवार ने अपनी मार्गदर्शक और स्नेहमयी मातृशक्ति को खो दिया है।

21 वर्ष की उम्र में संभाली परिवार की जिम्मेदारी

तेजकुंवरबाई काश्यप का जन्म 17 मार्च 1943 को मध्यप्रदेश के कुक्षी में हुआ था। उनके पिता स्वर्गीय चंपालाल खूंटवाला ने पालिताना तीर्थ में त्रिस्तुतिक जैन समाज की पहली धर्मशाला ‘चंपा निवास’ का निर्माण करवाया था। वर्ष 1958 में उनका विवाह रतलाम निवासी अशोक कुमार काश्यप से हुआ। वर्ष 1964 में पति के आकस्मिक निधन के बाद महज 21 वर्ष की उम्र में उन्होंने साहस और धैर्य के साथ परिवार की जिम्मेदारियां संभालीं। पुत्र चेतन्य और पुत्री भावना के पालन-पोषण, उन्हें सुसंस्कारित बनाने तथा पारिवारिक दायित्वों के निर्वहन के साथ उन्होंने अपना जीवन धर्म, तपस्या और जनसेवा को समर्पित कर दिया।

धर्म और तपस्या के प्रति रही गहरी आस्था

तेजकुंवरबाई काश्यप की धर्म, तपस्या और साधना के प्रति विशेष निष्ठा रही। उन्होंने अपने जीवन में दो वर्षीतप, एक मासक्षमण, नौ एवं आठ उपवास तथा बीस स्थानक ओलीजी सहित अनेक कठिन तपस्याएं पूर्ण कीं। उन्होंने सम्मेद शिखरजी, पालिताना और गिरनार सहित देश-विदेश के विभिन्न जैन तीर्थों की यात्राएं कीं। वे जीवनपर्यंत धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहीं।

अहिंसा ग्राम में 100 जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास में योगदान

समाजसेवा के क्षेत्र में तेजकुंवरबाई काश्यप की भूमिका उल्लेखनीय रही। वर्ष 2005 में चेतन्य काश्यप फाउंडेशन द्वारा रतलाम में स्थापित ‘अहिंसा ग्राम’ में उन्होंने 100 जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई। महिलाओं को सिलाई, बुनाई, कढ़ाई और अन्य कौशलों का प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ने तथा स्वसहायता समूहों के माध्यम से उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

जनकल्याणकारी संस्थाओं के माध्यम से की सेवा

मुंबई स्थित आदर्श मानव सेवा ट्रस्ट और आदर्श जैन हेल्थ सेंटर सहित विभिन्न जनकल्याणकारी संस्थाओं से जुड़कर उन्होंने जरूरतमंदों की चिकित्सा, सहायता और सेवा के कार्यों में योगदान दिया। उन्होंने पार्श्वनाथ महिला मंडल की स्थापना की और विभिन्न धार्मिक महिला मंडलों का नेतृत्व करते हुए महिलाओं को धर्म, संस्कार तथा समाजसेवा से जोड़ने का कार्य किया।

सादगी, दृढ़ संकल्प, वात्सल्य, धर्मनिष्ठा और सेवाभाव से परिपूर्ण उनका जीवन अनेक लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहा। उनके निधन से धार्मिक, सामाजिक और सेवा क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।

अंतिम यात्रा का कार्यक्रम

  • दिन: सोमवार, 12 अक्टूबर 2026

  • समय: प्रातः 10:30 बजे

  • प्रस्थान स्थल: वीसाजी मेंशन, स्टेशन रोड, रतलाम

  • गंतव्य: त्रिवेणी मुक्ति धाम, रतलाम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जताया दुख

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री चेतन्य काश्यप की माता तेजकुंवरबाई के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजकुंवरबाई ने काश्यप फाउंडेशन और अन्य सामाजिक संस्थाओं से जुड़कर अनेक सेवा कार्यों को क्रियान्वित करवाया। समाजसेवा के क्षेत्र में उनके योगदान को याद रखा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

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