होली पर सरकार का उपहार ! MP के शासकीय कर्मचारियों का 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता बढ़ेगा, अप्रैल से केंद्र सरकार के समान मिलने लगेगा भत्ता
मप्र की मोहन यादव सरकार ने किसानों और शासकीय कर्मचारियों के हित में बड़े फैसले लिए हैं। ये फैसले रविवार को बड़वानी में हुई किसान कैबिनेट में लिए गए।
एसीएन टाइम्स @ भोपाल । मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव की सरकार ने प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3 फीसदी की वृद्धि का निर्णय लिया है। इससे अब मप्र के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता भी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान हो जाएगा। यह वृद्धि अप्रैल से लागू होगी और बढ़ा हुआ वेतन मई से मिलने लगेगा।
आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि कर 58% करने का निर्णय किया है।
सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर… pic.twitter.com/nf0RRc5nqh — Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 2, 2026
मप्र सरकार की कैबिनेट की बैठक रविवार को प्रदेश के बड़वानी जिले में संपन्न हुई। किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत आयोजित इस बैठक में कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण निर्णय किए। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी है। उन्होंने कहा कि, आज होली के शुभ अवसर पर राज्य के शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि कर 58 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। सभी शासकीय सेवकों को भारत सरकार के समान अप्रैल (पेड इन मई) 2026 के वेतन में 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा। जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक के एरियर की राशि मई 2026 से प्रारंभ होकर 6 समान किस्तों में दी जाएगी।
पेंशनरों को भी मिलेगा 58 फीसदी भत्ता
कैबिनेट ने राज्य के पेंशनरों को भी राहत दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि पेंशनर्स को जनवरी से फरवरी 2026 की पेंशन में 58 प्रतिशत का महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हमारी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने सभी को होली पर्व की बधाई भी दी।
किसानों के लिए 27 हजार 746 करोड़ खर्च होंगे
कैबिनेट में विशेष रूप से बड़वानी जिले की कृषि शक्ति को नया आयाम देने वाले दो माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं तथा एक आधुनिक कृषि मंडी के निर्माण की मंजूरी दी गई है। सीएम मोहन यादव के अनुसार किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं के लिए अहम् फैसले लिए गए हैं। इन पर सरकार 27 हजार 746 करोड़ रुपए खर्च करेगी। पिछली बार भगोरिया उत्सव में की गई घोषणा पानसेमल और वारणा को भी आज कृषि कैबिनेट में पूरा किया गया है। यानी सच्चा वादा - पक्का काम, यह हमारी सरकार की पहचान।
बड़वानी कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले
- बड़वानी में आधुनिक नवीन कृषि उपज मंडी बनाई जाएगी।
- बड़वानी में खेतिया कृषि उपज मंडी को आदर्श कृषि उपज मंडी बनाएंगे।
- वरणा ओर पानसेमल माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी।
- भीलटदेव क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
- सरसों फसल को भावांतर योजना में शामिल करने को मंजूरी।
- मछली उत्पादन से जुड़े कारोबार में निवेश को लेकर नई मत्स्य पालन नीति लाने की तैयारी। 218.50 करोड़ की राशि खर्च की जाएगी।
- नई नीति में मछली उत्पादकों को कोल्ड चेन में निवेश, मार्केटिंग स्ट्रक्चर तैयार करने, रेफ्रिजरेटेड वैन खरीदने और मछलियों के फीड प्लांट लगाने पर सब्सिडी का प्रावधान होगा।
- महाविद्यालयों में एग्रीकल्चर सब्जेक्ट पढ़ाने की तैयारी।
- नेशनल शूटिंग चैंपियन वैष्णवी माहुले के पिता को शूटिंग अकादमी के लिए सीएम ने 5 लाख रुपए देने की घोषणा की।
- सहकारी विभाग की अलग-अलग 4 योजनाओं के माध्यम से 8186 करोड़ की राशि का व्यय वित्त विभाग पर आएगा।


