रॉयल कॉलेज में ‘आगाज़’ ! हेलमेट - सीट बेल्ट लगाएं, यातायात नियमों का पालन करें, क्योंकि सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी दे सकती है- आनंद सोनी
रतलाम के रॉयल कॉलेज में बीएससी लाइफ साइंस विभाग के ‘आगाज़’ कार्यक्रम में डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी, डॉ. श्वेता विनचुरकर और जिला रोजगार अधिकारी अभिषेक कटारा ने विद्यार्थियों को यातायात सुरक्षा, व्यक्तित्व विकास, करियर निर्माण, रोजगार और कौशल विकास पर मार्गदर्शन दिया।
यातायात जागरूकता से करियर निर्माण तक मिला मार्गदर्शन, बीएससी लाइफ साइंस विभाग ने किया आयोजन
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रॉयल कॉलेज (रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज), रतलाम के बीएससी लाइफ साइंस विभाग द्वारा आयोजित ‘आगाज़’ कार्यक्रम का शुभारंभ यातायात जागरूकता के संदेश के साथ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। मुख्य वक्ता ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी, विशिष्ट अतिथि साईं श्री इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य डॉ. श्वेता विनचुरकर तथा विशेष अतिथि जिला रोजगार अधिकारी अभिषेक कटारा उपस्थित रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को यातायात नियमों के पालन, व्यक्तित्व विकास, करियर निर्माण, रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों और कौशल विकास के महत्व पर मार्गदर्शन दिया।
मुख्य वक्ता ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने यातायात नियमों के पालन, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग तथा सड़क सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। सड़क पर थोड़ी-सी लापरवाही भी जीवनभर का कष्ट दे सकती है। उन्होंने सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता को आवश्यक बताते हुए नियमों का जिम्मेदारी से पालन करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर डीएसपी सोनी ने महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात की शपथ दिलाई। साथ ही विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी (क्विज) का आयोजन किया गया, जिसमें सही उत्तर देने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया गया।
ये भी पढ़ें
अनुशासन, सकारात्मक सोच और समय प्रबंधन से निखरेगा व्यक्तित्व- डॉ. विंचुरकर
विशिष्ट अतिथि एवं साईं श्री इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य डॉ. श्वेता विनचुरकर ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ जीवन में अनुशासन, उच्च नैतिक मूल्य और सकारात्मक सोच होना भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को असफलताओं से घबराने के बजाय प्रत्येक चुनौती को नए अवसर के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया। उनके अनुसार, यही गुण समग्र व्यक्तित्व विकास की नींव मजबूत करते हैं।
डॉ. विनचुरकर ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन के महत्व से अवगत कराया और अपने निर्धारित लक्ष्यों के प्रति एकाग्र रहने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा अपने व्यक्तित्व को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया।
ये भी पढ़ें
डिग्री के साथ तकनीकी और व्यावहारिक कौशल भी जरूरी- कटारा
विशेष अतिथि एवं जिला रोजगार अधिकारी अभिषेक कटारा ने अपने मार्गदर्शन में वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर की आवश्यकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को करियर निर्माण के विभिन्न चरणों, रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसरों और कौशल विकास के महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया।
कटारा ने कहा कि वर्तमान समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। युवाओं को अपनी रुचि के अनुसार तकनीकी एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए। तकनीकी दक्षता और सॉफ्ट स्किल्स के विकास से युवा कॉर्पोरेट जगत के साथ ही सरकारी क्षेत्रों में भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप अपनी क्षमताओं को विकसित करने और करियर निर्माण के लिए व्यावहारिक कौशल अर्जित करने का संदेश दिया।
ये भी पढ़ें
लक्ष्य के प्रति समर्पित रहकर निरंतर सीखते रहें विद्यार्थी- प्रो केरोल
कार्यक्रम में बीएससी लाइफ साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल ने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहें और निरंतर सीखते हुए आगे बढ़ें। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे।
ये भी पढ़ें







