रतलाम में आंदोलन ! TET के विरोध में शिक्षक लामबंद, कलेक्ट्रेट में किया जंगी प्रदर्शन, नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की मांग भी की
TET लेने के निर्णय ने शिक्षकों को लामबंद कर दिया है। उन्होंने इसके विरोध में रतलाम सहित पूरे प्रदेश में ज्ञापन सौंपे। उन्होंने नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता की मांग भी की।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । TET की अनिवार्यता से शिक्षकों और अध्यापकों में आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने इसके विरुद्ध आंदोलन का शंखनाद किया है। TET का विरोध करने के लिए जिलेभर से शिक्षकों ने कलेक्टर कार्यालय जुटे। इस दौरान उन्होंने एकता के नारे लगाए और अपनी मांग नहीं मानने तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री के नाम सबोधित ज्ञापन भी दिया जिसमें नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता लागू करने की मांग भी की।
नियुक्ति के बाद TET की अनिवार्यता को अव्यवहारिक बताते हुए अध्यापक / शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के नेतृत्व में आंदोलन किया जा रहा है। इसी क्रम में रतलाम जिला मुख्यालय पर भी प्रदर्शन कर कलेक्टर के प्रतिनिधि रामचन्द्र पाण्डेय (नायब तहसीलदार) को सौंपा गया। इसका वाचन विनोद शर्मा ने किया।
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ज्ञापन में ये बिंदु हैं शामिल
- राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना दिनांक 24 अगस्त 2010 की कंडिका-4 (क), (ग) एवं कंडिका-5 के अनुसार 03 सितंबर 2001 के पश्चात नियुक्त शिक्षक, 03 सितंबर 2001 के पूर्व नियुक्त शिक्षक तथा वर्ष 2011 से 2014 के मध्य "गुरुजी" से "संविदा शिक्षक" के रूप में नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट प्रदान की गई है।
- सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्णय में भी उक्त छूट का स्पष्ट उल्लेख किया गया है, इसके बावजूद विभागीय आयुक्तों द्वारा समस्त सेवागत नॉन-TET शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने हेतु बाध्य किया जाना अधिसूचना के प्रावधानों एवं न्यायालय के निर्णय की भावना के विपरीत है।
- आयुक्त, लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा दिनांक 02 मार्च 2026 (क्र.356) तथा आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 26 मार्च 2026 (क्र.6290) को जारी आदेशों को तत्काल निरस्त किया जाए।
- प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से मुक्त कर उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव से राहत प्रदान किया जाए।
- नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों की लंबे समय से की जा रही ज्वलंत मांग को दृष्टिगत रखते हुए उनकी सेवा अवधि की गणना प्रथम नियुक्ति दिनांक से किए जाने हेतु आवश्यक आदेश जारी किए जाएं ताकि जिससे पेंशन, ग्रेच्युटी एवं अवकाश नगदीकरण जैसे वैधानिक लाभ पदोन्नति / क्रमोन्नति की भांति सुनिश्चित हो सकें>
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ये उपस्थित रहे
डॉ. मुनींद्र दुबे, गोपाल बोरिया, सुनील कुमार गोंड, नरेंद्र कुमार टांक, चरण सिंह चौधरी, मोहन सिंह सोलंकी, पिंकी यादव, स्वतंत्र श्रोत्रिय, प्रकाश शुक्ला, राजेश स्वर्णकार, महेद्र सिंह भाटी, राजेंद्र राठौर, योगेश सरवाड़, आनंद चावला, राजेश जोशी, किरण पाटीदार, संध्या जैन, हरीश भिंडवाल, आलोक कोठारी सहित सभी संगठनों के पदाधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।




