प्रकटोत्सव (अक्षय तृतीया) विशेष : ‘अक्षय और अनंत है परशुराम यश-कर्म...’ -अज़हर हाशमी

ब्राह्मणों के आराध्य देव श्री परशुराम की महिमा जानिए कवि, गीतकार और लेखक प्रो. अज़हर हाशमी से।

Apr 29, 2025 - 20:01
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प्रकटोत्सव (अक्षय तृतीया) विशेष : ‘अक्षय और अनंत है परशुराम यश-कर्म...’ -अज़हर हाशमी
भगवान श्री परशुराम के प्रकटोत्सव पर विशेष।

श्री परशुराम

 

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अक्षय तृतीया कहती,

500
200

परशुराम का मर्म ।

 

अक्षय और अनंत है,

परशुराम यश-कर्म ।।

 

परशुराम तो 'तेज' है,

परशुराम है 'त्याग' ।

 

कश्यप को दे दी धरा,

नहीं मोह - अनुराग ।।

 

परशुराम का अभिप्राय,

शास्त्र-शस्त्र का ज्ञान ।

 

परशुराम यानी सतत,

सत्य-तपस्या-ध्यान ।।

 

सहस्रार्जुन दरअसल,

अत्याचार प्रचंड ।

 

परशुराम का अर्थ है,

अन्यायी को दंड।।

 

परशु का मतलब 'प्रताप',

राम है 'पुण्य' प्रशस्त ।

 

यानी पुण्य - प्रताप से,

पाप हमेशा ध्वस्त ।।

(प्रो. अज़हर हाशमी)

 

(कवि, गीतकार, लेखक ‘प्रो. अज़हर हाशमी’ के गीत संग्रह ‘अपना ही गणतंत्र है बंधु’ से साभार।)

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।