पुलिस एवं फौज में भर्ती होने के लिए अजा-जजा वर्ग के युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण, 13 मई को होगा चयन

जनजातीय कार्य विभाग द्वारा 10वीं पास युवाओं को पुलिस और सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। 15 मई से होने वाले प्रशिक्षण के लिए 13 मई को चयन होगा।

May 12, 2023 - 23:04
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पुलिस एवं फौज में भर्ती होने के लिए अजा-जजा वर्ग के युवाओं को दिया जाएगा प्रशिक्षण, 13 मई को होगा चयन
पुलिस और सेना में भर्ती के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण 15 मई से।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जनजातीय कार्य विभाग रतलाम द्वारा मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को पुलिस एवं फौज में भर्ती के लिए एक माह का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण 15 मई से 15 जून तक क्रीड़ा परिसर बाजना में आयोजित होगा। इसके लिए 13 मई को सुबह 10 बजे से क्रीड़ा परिसर बाजना में चयन होगा।

उक्त जानकारी देते हुए जनजातीय कार्य विभाग की सहायक आयुक्त पारुल जैन ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के ऐसे युवा जिन्होंने दसवीं कक्षा उत्तीर्ण की है तथा जिनकी आयु 18 से 25 वर्ष के मध्य है वे इस प्रशिक्षण के लिए पात्र होंगे। ऐसे युवा क्रीड़ा परिसर बाजना के प्राचार्य से आवेदन प्राप्त कर 13 मई को प्राचार्य को ही जमा करा सकते हैं।

प्रशिक्षणार्थी अपने साथ एक फोटो, उत्तीर्ण परीक्षा की अंकसूची की छायाप्रति एवं मूल प्रति, जाति प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड ले कर उपस्थित हों। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण में पुलिस एवं फौज में भर्ती के लिए लिखित परीक्षा तथा शारीरिक प्रशिक्षण हेतु प्रशिक्षित किया जाएगा। जैन ने बताया कि चयनित प्रशिक्षणार्थियों को आवासीय सुविधा, भोजन सुविधा एवं किट विभाग की ओर से प्रदान की जाएगी।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।