सात समंदर पार अमेरिका में गूंजा नवकार महामंत्र, रतलाम की बेटी ने दुनिया को दिया शांति का संदेश

रतलाम की डॉ. आस्था जैन ने अमेरिका के फ्लोरिडा में नवकार महामंत्र जाप और रक्तदान शिविर का आयोजन कर सात समंदर पार जैन धर्म, भारतीय संस्कार और विश्व शांति का भावपूर्ण संदेश दिया।

Apr 18, 2026 - 00:19
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सात समंदर पार अमेरिका में गूंजा नवकार महामंत्र, रतलाम की बेटी ने दुनिया को दिया शांति का संदेश
रतलाम की बेटी डॉ. आस्था जैन ने अमेरिका के फ्लोरिडा में करवाया नवकार महामंत्र का जाप।

अमेरिका के फ्लोरिडा में टेम्पा जैन सोसायटी मंदिर में आयोजन, 300 से अधिक लोगों ने लिया भाग

एसीएन टाइम्स @ फ्लोरिडा / रतलाम । अहिंसा परमो धर्म का संदेश देने वाले जैन धर्म के पवित्र नवकार महामंत्र की गूंज अब सात समंदर पार विदेशी धरती पर भी सुनाई देने लगी है। मध्यप्रदेश (Madhya pradesh) के रतलाम (Ratlam) की बेटी डॉ. आस्था जैन (Dr. Aastha Jain) ने अमेरिका (USA) के फ्लोरिडा (Florida) में इस आस्था को स्वर देते हुए नवकार महामंत्र (The Great Navkar Mantra) का सामूहिक जाप (Group Chanting) करवाया और विश्व शांति (World Peace) का संदेश दुनिया तक पहुंचाया।

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डॉ. आस्था जैन रतलाम के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय जैन (Dr. Ajay Jain) की सुपुत्री हैं। उन्होंने विदेश में रहते हुए भी खुद को न सिर्फ अपनी मिट्टी और संस्कारों से जोड़े रखा है वरन प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत है। उन्होंने अमेरिका के फ्लोरिडा के टेम्पा (Tampa) स्थित टेम्पा जैन सोसायटी मंदिर (Tampa Jain Society Temple) में जीतो (JITO - Jain International Trade Organization) के अनुसरण में नवकार महामंत्र जाप एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया।

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300 लोगों ने की सहभागिता

इस आयोजन में 300 से अधिक समाजजनों ने सहभागिता की। मंदिर परिसर नवकार महामंत्र की गूंज से आध्यात्मिक वातावरण में परिवर्तित हो गया, वहीं रक्तदान शिविर के माध्यम से सेवा और मानवता का संदेश भी सशक्त रूप से प्रसारित हुआ।

अपनी जड़ों को समझें, भारतीय संस्कारों से जुड़े रहें

डॉ. आस्था जैन ने कहा कि नवकार महामंत्र का जाप आत्मिक शांति प्रदान करता है और जीवन में सकारात्मकता एवं प्रसन्नता का संचार करता है। उन्होंने कहा कि विदेश में रहकर भी अपने धर्म और संस्कृति से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है, विशेषकर वहां पले-बढ़ रहे बच्चों और युवाओं के लिए, ताकि वे अपनी जड़ों को समझ सकें और भारतीय संस्कारों से जुड़े रहें।

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उन्होंने जैन धर्म के सिद्धांतों को जीवन के लिए अत्यंत मूल्यवान बताते हुए कहा कि जो व्यक्ति इन्हें आत्मसात कर लेता है, वह भौतिक, मानसिक और शारीरिक—तीनों स्तरों पर प्रगति कर सकता है।

रक्तदान के महत्व पर उन्होंने कहा कि यह सबसे बड़ा मानव धर्म है, जो किसी जरूरतमंद के जीवन को बचा सकता है। साथ ही, यह समाज में सेवा और दान की भावना को भी मजबूत करता है।

पश्चिमी देशों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवित रखना उद्देश्य

टेम्पा जैन सोसायटी के अध्यक्ष रोमित जैन (Romit Jain) ने बताया कि यह मंदिर शहर का एक प्रमुख और प्राचीन जैन मंदिर है, जहां प्रत्येक रविवार को भक्ति, आरती और सामाजिक मिलन के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। उन्होंने इस आयोजन को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि सभी सदस्यों ने मिलकर विश्व शांति के लिए प्रार्थना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से करने की आवश्यकता जताई, ताकि पश्चिमी देशों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों को जीवित रखा जा सके।

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कोविड कॉल में भी किया उल्लेखनीय कार्य

बता दें कि, कोविड काल के दौरान भी डॉ. आस्था जैन द्वारा जैन धर्म के सिद्धांतों पर आधारित कई सेमिनार आयोजित किए गए थे, जिनसे हजारों लोगों को लाभ मिला। उनके इन प्रयासों की भारत और अमेरिका (USA) के विभिन्न शहरों में सराहना की गई है। वे अमेरिका में जैन धर्म के सिद्धांतों के अनुरूप स्वस्थ जीवनशैली के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रही हैं।

इन्होंने लिया लाभ

इस अवसर पर विजय जैन (Vijay Jain), सिद्धार्थ जैन (Siddharth Jain), श्रेया जैन (Shreya Jain), नैना जैन (Naina Jain), नेहा कोठारी (Neha Kothari), धरती शाह (Dharti Shah) सहित सोसायटी सदस्यों ने उपस्थित होकर नवकार महामंत्र जाप का लाभ लिया और रक्तदान शिविर में सहभागिता की।

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।