नव वर्ष मंगलमय हो : आओ मनाएं नया साल, हम सब मिल प्रो. अज़हर हाशमी के साथ कहें ‘नव सम्वत्सर तेरा स्वागत !’

नव सम्वत्सर के मौके पर ख्यात साहित्यकार, कवि, गीतकार, व्यंग्यकार और चिंतक प्रो. अज़हर हाशमी का गीत सामयिक हो जाता है। आइये, हम सब मिल कर उनका यह गीत गाएं और उल्लास के साथ उनका लिखा यह गीत गाएं।

Mar 30, 2025 - 18:08
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नव वर्ष मंगलमय हो : आओ मनाएं नया साल, हम सब मिल प्रो. अज़हर हाशमी के साथ कहें ‘नव सम्वत्सर तेरा स्वागत !’
नव सम्वत्सर 2082

नव सम्वत्सर तेरा स्वागत !

नदियों का स्वर कल-कल कर दे,

जलस्रोत सभी निर्मल कर दे ।

बंजर को उर्वर-थल कर दे,

भूमि का हरित आंचल कर दे ।

कर दूर वनों की हर आफ़त !

नव सम्वत्सर तेरा स्वागत !

 

तरुणाई को पद-मान मिले,

महिलाओं को सम्मान मिले ।

श्रम को श्रम का प्रतिदान मिले,

खेती को जीवनदान मिले ।

व्यवसायी को भी दे राहत ।

नव सम्वत्सर तेरा स्वागत !

प्रो. अज़हर हाशमी

(गीत संग्रह ‘काभी काजू घना, कभी मुट्ठी चना’ से साभार)

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।