जिला अभिभाषक संघ ने DM को क्यों दिया धन्यवाद, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर और कमेंट बॉक्स में राय भी जाहिर करें

छ्त्रीपुल स्थित एक जमीन अतिक्रमण मुक्त कराने और वहां रजिस्ट्रार कार्यालय बनाने के निर्णय का जिला अभिभाषक संघ ने स्वागत किया है। संघ ने इसके लिए रतलाम कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।

Dec 8, 2021 - 12:39
 0
जिला अभिभाषक संघ ने DM को क्यों दिया धन्यवाद, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर और कमेंट बॉक्स में राय भी जाहिर करें
डीएम कुमार पुरुषोत्तम को धन्यवाद देने पहुंचे जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष अभय शर्मा एवं उपाध्यक्ष नीरज सक्सेना।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जिला प्रशासन ने  छत्रीपुल स्थित नजूल भूमि पर रजिस्ट्रार कार्यालय का भवन बनाने की घोषणा की है। इसे लेकर अभिभाषकों ने हर्ष जताया है। संघ पदाधिकारियों ने इसके लिए कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम को पत्र सौंप कर धन्यवाद ज्ञापित किया।
जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष एडवोकेट अभय शर्मा, उपाध्यक्ष नीरज सक्सेना एवं सचिव विकास पुरोहित ने कलेक्टर कुमार पुरषोत्तम को धन्यवाद पत्र सौंपा। अध्यक्ष शर्मा ने बताया कि जिला अभिभाषक संघ लंबे समय से रजिस्ट्रार कार्यालय को उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने की माँग करता आ रहा था| वर्तमान में रजिस्ट्रार कार्यालय महलवाड़ा के जर्जर भवन में संचालित होने से अभिभाषकों को न्यायालयीन कार्य के साथ-साथ वहाँ जाने-आने में काफ़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समाचार-पत्रों के माध्यम से हाल ही में पता चला कि जिला प्रशासन द्वारा छत्रीपुल की नजूल भूमि पर भवन बनाकर रजिस्ट्रार कार्यालय स्थानांतरित करने की योजना बनायी गई है| रजिस्ट्रार कार्यालय के स्थानांतरण से आम नागरिकों, दस्तावेज़ लेखकों एवं अभिभाषक साथियों को काफ़ी सुविधा मिलेगी।
Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।