सैलाना डस्टबिन 'कांड' ! नगर परिषद के 'स्टोर' में कैद हैं 7000 डस्टबिन, विधायक का सवाल- जनता के हक पर ताला क्यों?

सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार ने 7000 डस्टबिन वितरण में देरी पर कलेक्टर को लिखा पत्र। नगर परिषद की लापरवाही पर उठाए सवाल, जांच और आंदोलन की दी चेतावनी। पढ़ें पूरी खबर।

Apr 25, 2026 - 19:32
 0
सैलाना डस्टबिन 'कांड' ! नगर परिषद के 'स्टोर' में कैद हैं 7000 डस्टबिन, विधायक का सवाल- जनता के हक पर ताला क्यों?
सैलाना नगर परिषद के कथित डस्टबिन घोटाले को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर को लिखा पत्र।

डस्टबिन घोटाले को लेकर विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कलेक्टर को लिखा स्मरण पत्र

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । स्वच्छता के बड़े-बड़े दावों के बीच नगर परिषद सैलाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल भारत आदिवासी पारटी (BAP) विधायक कमलेश्वर डोडियार ने उठाए हैं। आरोप है कि नगर में गीले एवं सूखे कचरे के पृथकीकरण के लिए खरीदे गए लगभग 7000 डस्टबिन आज भी गोदामों में पड़े धूल खा रहे हैं। नतीजतन शहर की सड़कों पर गंदगी का अंबार लगातार बढ़ता जा रहा है।

मामले में विधायक डोडियार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कलेक्टर मिशा सिंह को पत्र लिखकर नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) और अध्यक्ष की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में बेहतर प्रदर्शन के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं।

बैठकों में यह बात सामने आ चुकी है कि घर-घर कचरा संग्रहण के दौरान गीले और सूखे कचरे का पृथकीकरण सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। इसके चलते पूरी स्वच्छता व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पहले वितरित किए गए हरे-नीले डस्टबिन अब टूट-फूटकर बेकार हो चुके हैं, जिससे लोग मजबूरन कचरा खुले में फेंक रहे हैं।

Google NewsFollow Us

विधायक डोडियार ने अपने पत्र (क्रमांक 239/VIP/2026) में बताया कि नगर परिषद सैलाना ने काफी समय पहले लगभग 7000 डस्टबिन क्रय किए थे। अत्यंत खेद का विषय है कि महीनों बीत जाने के बाद भी इनका वितरण आम नागरिकों को नहीं किया गया। होटल और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बड़े डस्टबिन देने के निर्देश भी दिए गए थे, इस पर अब तक अमल नहीं हो सका है। इससे पहले भी विधायक ने 5 फरवरी 2026 को पत्र लिखकर अवगत कराया था, लेकिन परिषद के जिम्मेदारों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

विधायक के निर्देश-पत्रों को किया नजरअंदाज

सबसे अहम बात यह है कि विधायक द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों और पत्रों को भी नगर परिषद ने नजरअंदाज किया। इस पर नाराजगी जताते हुए विधायक डोडियार ने कहा कि जब जनप्रतिनिधि की बातों को ही अनसुना किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि डस्टबिन खरीदे जाने के बावजूद उनका वितरण न होना प्रशासनिक लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है। इसका सीधा असर शहर की स्वच्छता के साथ-साथ स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 की तैयारियों पर भी पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें

जिम्मेदार अधिकारी पर हो सख्त कार्रवाई

विधायक के अनुसार नगर परिषद सीएमओ मनोज शर्मा ने पूर्व में कहा था कि मार्च के प्रथम सप्ताह में नगर में हरे-नीले डस्टबिन का वितरण शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। विधायक ने पत्र में सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि डस्टबिन वितरण न होने के कारण सैलाना की जनता में भारी आक्रोश व्याप्त है, जो कभी भी बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।

नगर परिषद अध्यक्ष ने भी किया था वादा

पत्र में बताया गया है कि नगर परिषद अध्यक्ष चेतन्य शुक्ला ने भी दावा किया था कि स्वच्छता सर्वेक्षण से पहले सुनियोजित तैयारियां की जा रही हैं और डस्टबिन का वितरण शीघ्र किया जाएगा। उन्होंने लापरवाही के आरोपों को खारिज करते हुए इसे “समझ का फेर” बताया था। इसके बावजूद अब तक जमीनी स्तर पर कोई प्रगति नजर नहीं आ रही है। हालात यह संकेत दे रहे हैं कि नगर परिषद के जिम्मेदार पदाधिकारियों की उदासीनता के चलते न केवल विधायक के निर्देशों को नजरअंदाज किया गया, बल्कि शहर की स्वच्छता भी गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

ये भी पढ़ें

अब शुरू हुआ वितरण

नगर परिषद अध्यक्ष शुक्ला ने बताया कि शनिवार सुबह से डस्टबिन का वितरण शुरू कर दिया गया है। शुरुआत वार्ड क्रमांक 11 से हुई। अध्यक्ष ने नागरिकों से अनुरोध किया कि हरी डस्टबिन में गीला कचरा (बची हुई सब्जियां आदि) तथा नीली रंग की डस्टबिन में सूखा कचरा (कागज व अन्य घरेलू कचरा) रखें और निर्धारित कचरा संग्रहण वाहन में ही डालें।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।