शिक्षा के मंदिर में दरिंदगी ! प्राइवेट स्कूल में 7वीं की छात्रा से गैंगरेप, 4 शिक्षक समेत 5 गिरफ्तार, आरोपियों में 1 महिला शिक्षक भी
पुलिस ने 12वीं की छात्रा के सामूहिक यौन शोषण के मामले में एक इंग्लिश मीडियम प्राइवेट स्कूल के 3 पुरुष शिक्षकों, 1 महिला शिक्षक और 1 चपरासी को गिरफ्तार किया है।
एसीएन टाइम्स @ अनुगुल । देश के ओडिशा जिले के एक प्राइवेट स्कूल में 12 वर्षीय एक छात्रा के साथ सामूहिक ज्यादती की मामला दिलदहला देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि छात्रा का दो वर्ष से यौन शोषण किया जा रहा था। पिता की शिकायत और बाल कल्याण समिति के निर्देश के बाद पुलिस ने 3 पुरुष और 1 महिला शिक्षक तथा एक महिला चपरासी को गिरफ्तार किया है।
मामला ओडिशा के केंद्रापाड़ा जिले के राजकनिका विकासखंड के एक प्राइवेट इंग्लिश मीडियम स्कूल का है। इसकी पुष्टि पट्टामुंडई के एसडीपीओ सुकांत कुमार पात्रा ने मीडिया से चर्चा में की। उन्होंने बताया कि स्कूल में कक्षा सातवीं में पढ़ने वाली 12 वर्षीय छात्रा के यौन शोषण के मामले में शिक्षक चंदन कुमार प्रुस्ती (37), बिस्वारंजन साहू (31), रश्मिकांता बिस्वाल (47) और चपरासी मिनाती बाई (34) के रूप में हुई, ये सभी शिक्षक थे और रश्मि रंजन राणा (32) स्कूल गिरफ्तार किया गया है। सभी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश हुए। महिला शिक्षिक पर इस संज्ञीन अपराध में सहयोग करने और छिपाने का आरोप है।
मजदूरी से लौटा पिता तब पता जला मामला
जानकारी के अनुसार छात्रा का पिता नई दिल्ली में नल फिटिंग का काम करता है। वह मजदूरी से घर लौटा तो उसे अपनी पत्नी से बेटी के यौन शोषण का पता चला। उसने राज्य बाल हेल्पलाइन से संपर्क साधा और रोते हुए पूरा घटनाक्रम बताया। मामला संज्ञान में आते ही इसकी जनकारी बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को दी गई। समिति की अध्यक्ष स्वगतिका परिडा ने इसे गंभीरता से लिया और टीम के साथ पीड़िता के घर पहुंची।
स्कूल परिसर में हुआ शोषण, भाई को धमकाया
जांच के लिए पहुंची टीम के पीड़िता और उसके परिजन ने बताया कि छात्रा का यौन शोषण स्कूल परिसर में हुआ। शिक्षकों और चपरासी ने छात्रा का कई बार यौन शोषण किया। इसमें महिला शिक्षक की भी मिलीभगत रही। इतना ही नहीं आरोपियों ने मामले के बारे में किसी को नहीं बताने के लिए पीड़िता के छोटे भाई को जान से मारने की धमकी तक दी गई। पूरी जानकारी लेने के बाद समिति ने पिता को पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के लिए कहा। इसके चलते पीड़िता के पिता की शिकायत पर राजकनिका थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षकों और चपरासी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया।
अब आगे क्या...
जानकारी के अनुसार अब मजिस्ट्रेट के समक्ष पीड़िता के बयान करवाए जाएंगे। ये बयान बीएनएसएस की धारा 180 के तहत होंगे। पीड़िता और आरोपियों को एडीएसजी-सह-विशेष पॉक्सो न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रा को सुरक्षा, सहायता और मनोवैज्ञानिक मदद उपलब्ध करवाने के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष भी पेश किया जाएगा। बता दें कि, स्कूल 24 साल पुराना होकर यहां वर्तमान में 600 विद्यार्थी हैं जिन्हें पढ़ाने के लिए 20 शिक्षक नियुक्त हैं।
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