साइबर ठगों का नया ‘Silent Attack’ ! न OTP, न कॉल… फिर भी खाते से उड़ गए 2.93 लाख ! रतलाम में पटवारी से हुई हाईटेक ठगी

रतलाम में हाईटेक साइबर ठगी का मामला सामने आया है। बिना OTP और बिना कॉल के साइबर ठगों ने एक पटवारी के SBI खाते से 2.93 लाख रुपए उड़ा दिए।

May 10, 2026 - 00:56
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साइबर ठगों का नया ‘Silent Attack’ ! न OTP, न कॉल… फिर भी खाते से उड़ गए 2.93 लाख ! रतलाम में पटवारी से हुई हाईटेक ठगी
रतलाम में पटवारी से हाईटेक साइबर ठगी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । साइबर अपराधियों ने अब ठगी का ऐसा हाईटेक तरीका अपना लिया है, जिसमें न कोई फर्जी कॉल आता है, OTP मांगा जाता है और न ही बैंक डिटेल साझा करनी पड़ती है। रतलाम में सामने आए एक मामले ने आम लोगों के साथ बैंकिंग सिस्टम और पुलिस प्रशासन की चिंता भी बढ़ा दी है। यहां राजस्व विभाग में पदस्थ एक पटवारी के खाते से साइबर ठगों ने चुपचाप करीब 2.93 लाख रुपए उड़ा दिए।

मामला शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार काटजू नगर निवासी पटवारी अशोक कुमार योगी ने मार्च माह में पारिवारिक जरूरतों के लिए अपने GPF खाते से 5 लाख रुपए निकाले थे। यह राशि एसबीआई की कलेक्ट्रेट शाखा स्थित खाते में जमा थी। इसी खाते को साइबर ठगों ने निशाना बना लिया।

तीन दिन तक खाते से निकलती रही रकम

पुलिस के अनुसार 27 अप्रैल को खाते से पहली बार 98 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 28 अप्रैल को 97 हजार 1 रुपए और 29 अप्रैल को फिर 98 हजार रुपए निकाल लिए गए। इस तरह कुल 2 लाख 93 हजार 1 रुपए खाते से गायब हो गए।

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पीड़ित के मोबाइल पर न कोई कॉल आया और न ही किसी प्रकार का OTP या बैंकिंग डिटेल साझा की गई। 30 अप्रैल को जब पीड़ित ने बैंक बैलेंस चेक किया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई।

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पुलिस जांच में जुटी, ट्रांजेक्शन की पड़ताल शुरू

औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। साइबर सेल भी तकनीकी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।

रिमोट एक्सेस से हुई ठगी की आशंका

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक यह मामला मोबाइल हैकिंग या रिमोट एक्सेस फ्रॉड से जुड़ा हो सकता है। कई बार लोग अनजाने में किसी संदिग्ध वेबसाइट, फर्जी विज्ञापन, APK फाइल या लिंक पर क्लिक कर देते हैं। इसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल का कंट्रोल हासिल कर लेते हैं और बिना जानकारी दिए बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

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विशेषज्ञों का कहना है कि ठग कई बार मोबाइल स्क्रीन रिकॉर्डिंग, की-लॉगिंग और बैकग्राउंड एक्सेस के जरिए पासवर्ड और OTP तक हासिल कर लेते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित को ठगी का पता तब चलता है, जब खाते से रकम निकल चुकी होती है।

ऐसे रहें सुरक्षित

  • किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या विज्ञापन पर क्लिक न करें।
  • मोबाइल में केवल अधिकृत ऐप ही इंस्टॉल करें।
  • स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने से बचें।
  • बैंक खाते के SMS और ईमेल अलर्ट हमेशा चालू रखें।
  • मोबाइल में मजबूत स्क्रीन लॉक और एंटीवायरस का उपयोग करें।
  • संदिग्ध ट्रांजेक्शन दिखते ही तुरंत 1930 पर शिकायत करें।

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।