बड़ा खुलासा ! आस्था के नाम पर अगरबत्ती की 'सुगंध', और बेटे के कारनामों से सट्टे की 'दुर्गंध': 'माता' के नाम से व्यवसाय करने वाले का बेटा निकला सट्टा खाईवाल !
नीमच में आस्था के नाम पर अगरबत्ती का कारोबार करने वाले परिवार का बेटा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का बड़ा खाईवाल निकला। पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई में लाखों के हिसाब के साथ गिरफ्तारी, शहर में मचा हड़कंप।
कमलेश सारड़ा
एसीएन टाइम्स @ नीमच । धर्म और आस्था की आड़ में कैसे-कैसे काले कारनामे पनप रहे हैं, इसका एक जीता-जागता और हैरान करने वाला उदाहरण नीमच में देखने को मिला है। एक तरफ जहां पिता मालवा की प्रसिद्ध शक्तिपीठ 'भादवामाता' के नाम पर अगरबत्ती बनाकर भगवान की भक्ति का दावा करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनका बेटा युवाओं को बर्बाद करने वाले ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का बड़ा खाईवाल निकला। हाल ही में पुलिस की गिरफ्त में आए हिमांशु सुगंधी ने 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कहावत को सच कर दिखाया है।
नीमचकैंट पुलिस और सायबर सेल की संयुक्त दबिश में 1 लाख रुपये नकद और लाखों के हिसाब के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया हिमांशु सुगंधी, अशोक सुगंधी का बेटा है। शहर में अशोक सुगंधी 'भादवामाता अगरबत्ती' का व्यवसाय करते हैं। भादवामाता क्षेत्र का एक अत्यंत पवित्र और प्रमुख माताजी का स्थान है, जहां हजारों लोगों की आस्था जुड़ी है। लोग बड़ी श्रद्धा से भगवान के दरबार में इनके नाम की अगरबत्ती जलाते हैं, लेकिन किसी ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस घर से भगवान के नाम की अगरबत्ती बनती है, उसी घर का चिराग सट्टे के काले दलदल में खाईवाल बनकर बैठा है।
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इंदौर में भी खुल चुकी है पोल !
सूत्रों की मानें तो हिमांशु सुगंधी के ये कारनामे कोई नए नहीं हैं। बताया जा रहा है कि यह सटोरिया पूर्व में मिनी मुंबई यानी इंदौर में भी इसी तरह के सट्टेबाजी के एक बड़े मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। इंदौर से लेकर नीमच तक, सट्टे की दुनिया में इसकी सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि इसे कानून का कोई खौफ नहीं था। अब नीमच में 'LOTUS' आईडी के जरिए लाखों का सट्टा संचालित करते पकड़े जाने के बाद इसका असली चेहरा शहर के सामने आ गया है।
शहर में उठ रहे सवाल : क्या यही है संस्कारी व्यवसाय ?
इस खुलासे के बाद नीमच में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग सन्न हैं और सवाल उठा रहे हैं कि भगवान के नाम का सहारा लेकर व्यवसाय चमकाने वाले परिवारों में आखिर कैसी 'संस्कृति' पनप रही है? एक ओर पिता 'भादवामाता' के पवित्र नाम पर अगरबत्ती बेचकर धर्म का चोला ओढ़े हुए हैं। दूसरी ओर बेटा उसी शहर के युवाओं को सट्टे के जाल में फंसाकर बर्बाद करने में लगा है।
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इस घटना ने लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि भगवान और आस्था के नाम पर समाज में कैसे-कैसे चेहरे छिपे बैठे हैं, जिनकी असलियत अब जाकर बेनकाब हो रही है। आम जनता का कहना है कि पुलिस को ऐसे सफेदपोश परिवारों की पूरी कुंडली खंगालनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि इस सट्टे की काली कमाई के तार आखिर कहां-कहां और किस-किस तक जुड़े हुए हैं।






