क्या हुआ तेरा वादा ? CM की 5 करोड़ की घोषणा के 14 महीने बाद भी नेहरू स्टेडियम बदहाल ! ट्रिपल इंजन सरकार पर जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष मयंक जाट का हमला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पांच करोड़ रुपये की घोषणा के 14 महीने बाद भी रतलाम के नेहरू स्टेडियम की सूरत नहीं बदलने पर युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मयंक जाट ने सवाल उठाए।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा रतलाम के ऐतिहासिक नेहरू स्टेडियम के कायाकल्प के लिए की गई पांच करोड़ रुपए की घोषणा को 14 महीने बीत चुके हैं, लेकिन स्टेडियम की हालत अब भी बदहाल है। ट्रिपल इंजन की सरकार के बावजूद विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी है। यह आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मयंक जाट ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
‘नेता नहीं बेटा’ को अपना ध्येय वाक्य बनाने वाले युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष मयंक जाट ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर नेहरू स्टेडियम की मौजूदा बदहाली को उजागर किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उस पुराने बयान को भी साझा किया है, जिसमें उन्होंने मंच से रतलाम से अपना आत्मीय रिश्ता बताते हुए स्टेडियम के जीर्णोद्धार के लिए पांच करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी।
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बारिश में पानी और कीचड़, चारों ओर गंदगी-झाड़ियां
मयंक जाट ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा को 14 महीने का लंबा समय बीत चुका है, लेकिन स्टेडियम परिसर में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगाई गई है। उन्होंने स्टेडियम के वर्तमान हालात पर कहा कि खेल मैदान पूरी तरह से बदहाल हो चुका है। बारिश के चलते मैदान में पानी और कीचड़ जमा है, जबकि चारों ओर गंदगी और झाड़ियां फैली हुई हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में खिलाड़ियों और युवाओं के लिए यहां अभ्यास करना भी संभव नहीं रह गया है। शहर के प्रमुख खेल केंद्र की यह स्थिति खेल सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों पर भी सवाल खड़े करती है।
प्रमुख खेल केंद्र की उपेक्षा का आरोप
जाट ने आरोप लगाया कि शहर के एकमात्र प्रमुख खेल केंद्र की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इसका सीधा असर स्थानीय खेल प्रतिभाओं पर पड़ रहा है और खिलाड़ियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय स्टेडियम की बदहाली दूर करने की दिशा में भी 14 महीने बाद तक ठोस काम दिखाई नहीं दे रहा है।
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कागजी घोषणा से आगे बढ़कर काम शुरू करने की मांग
युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि कागजी घोषणाओं से आगे बढ़कर स्वीकृत राशि को तत्काल प्रभाव से जारी किया जाए। उन्होंने नेहरू स्टेडियम के जीर्णोद्धार का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कराने की मांग की, ताकि रतलाम के खिलाड़ियों और युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं मिल सकें।
इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान बदहाल हुआ था
पोलो ग्राउंड (नेहरू स्टेडियम) में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा ‘MP RISE 2025’ (रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट) कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस इन्वेस्टमेंट मीट के दौरान करीब 100 साल पुराने इस ऐतिहासिक स्टेडियम की स्थिति बदहाल हो गई थी। आयोजन के चलते मैदान और परिसर की स्थिति प्रभावित हुई थी। इसके चलते ही मीट के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेहरू स्टेडियम को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी।
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महाराजा सज्जन सिंह ने बनवाया था ऐतिहासिक पोलो ग्राउंड
बता दें कि, रतलाम रियासत के तत्कालीन महाराजा सज्जन सिंह राठौर ने इसे पोलो और घुड़सवारी के मैदान के रूप में विकसित करवाया था। वे स्वयं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पोलो खिलाड़ी थे और यहां पोलो एवं घुड़सवारी की प्रतियोगिताएं आयोजित करवाते थे।
समय के साथ पोलो का खेल यहां बंद हो गया। बाद में यह जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के नाम से जाना जाने लगा। इसके पैवेलियन का नाम पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर के नाम पर भी रहा। यह रतलाम का एकमात्र सार्वजनिक खेल मैदान है, जहां क्रिकेट, हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स के खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास करते हैं।







