प्रो. अज़हर हाशमी के जन्मदिन 13 जनवरी को होगा अल्फ़ाज़ का आयोजन, विद्यार्थी आपित करेंगे अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता

प्रो. अज़हर हाशमी को जन्मदिन 13 जनवरी को दी जाएगी आदरांजलि। शिष्य, विद्यार्थी परिवार के सदस्य और निकट सहयोगी प्रकट करेंगे कृतज्ञता।

Jan 12, 2026 - 22:26
Jan 12, 2026 - 22:49
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प्रो. अज़हर हाशमी के जन्मदिन 13 जनवरी को होगा अल्फ़ाज़ का आयोजन, विद्यार्थी आपित करेंगे अपने गुरु के प्रति कृतज्ञता
प्रो. अज़हर हाशमी।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । हिंदी साहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार, अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि एवं चिंतक प्रोफेसर अज़हर हाशमी का जन्मदिन 13 जनवरी को साहित्यिक गरिमा और आत्मीय भावों के साथ मनाया जाएगा। आयोजन उनके शिष्यों, विद्यार्थी परिवार एवं साहित्य मनीषियों द्वारा ‘अल्फ़ाज़’ अज़हर हाशमी से जुड़ी स्मृतियों की शब्दांजलि  के रूप में संपन्न होगा।

कार्यक्रम का आयोजन प्रो. अज़हर हाशमी के निवास स्थान 32, एमआईजी, इंदिरा नगर, रतलाम में सुबह 10:30 बजे होगा। इस अवसर पर उनके जीवन, साहित्यिक योगदान एवं व्यक्तित्व से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया जाएगा। कार्यक्रम में विद्यार्थी, साहित्यप्रेमी एवं उनके निकट सहयोगी अपनी भावनाओं को कविता, संस्मरण, आलेख एवं मुक्त अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।

सिर्फ जन्मोत्सव नहीं, कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर

‘अल्फ़ाज़’ के अंतर्गत यह आयोजन न केवल जन्मदिन का उत्सव होगा, बल्कि एक ऐसे शिक्षक और साहित्यकार के प्रति कृतज्ञता का भाव भी प्रकट करेगा, जिन्होंने अनेक पीढ़ियों को भाषा, संवेदना और संस्कारों से समृद्ध किया है। यह आयोजन सादगी, आत्मीयता और साहित्यिक सौहार्द के वातावरण में संपन्न होगा, जिसमें शब्द ही सम्मान और श्रद्धा का माध्यम बनेंगे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।