संस्कारों की शिक्षा ! महाअष्टमी पर आद्य शक्ति के साथ किया बालिकाओं का पूजन, तुलसी के पौधे भेंटकर किया सम्मान
रतलाम के पंचेड़ में शहर के एक निजी विद्यालय द्वारा कन्या पूजन और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कन्याओं को तुलसी के पौधें भेंट किए गए।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । चैत्र नवरात्रि की महाअष्टमी के पावन अवसर पर पंचेड़ गांव में कन्या पूजन एवं तुलसी के पौधों का वितरण किया गया। मुख्य अतिथि संस्कार ऋषि पं. दिनेश व्यास (घटवास) रहे। इस दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा देने के साथ संस्कारवान बनाने पर जोर दिया गया।
सर्वप्रथम संस्कार ऋषि पं. व्यास ने माता रानी की विधिवत पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का श्री गणेश किया। इसके पश्चात गुरु पूजन एवं कन्या पूजन हुआ। निजी शिक्षण संस्था की डायरेक्टर अलका श्रीनिवास सिंह एवं अकादमिक प्रमुख डॉली भटनागर ने कन्याओं का पूजन कर उन्हें तुलसी के पौधे भेंट किए। बालक-बालिकाओं को उपहार भी वितरित किए गए। अतिथियों एवं अभिभावकों ने आयोजन की सराहना की एवं संस्कार एवं शिक्षा के समन्वय की दिशा में उठाए गए इस कदम को महत्वपूर्ण बताया।
‘शिक्षा का सही अर्थ- निर्णय लेने की समझ विकसित करना’
अकादमिक प्रमुख डॉली भटनागर ने कहा कि हम किसान हैं और कड़ी धूप में मेहनत करते हैं ताकि हमारे बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर देश का नाम रोशन कर सकें। शिक्षा का अर्थ केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि समय पर सही निर्णय लेने की समझ विकसित करना है। सही शिक्षा के माध्यम से हर बच्चा ऊंचाइयों को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने अपने विद्यालय की विशेषताएं भी बताईं।
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ये रहे उपस्थित
आयोजन में ग्राम पंचेड़ के शिवनारायण, दिनेश जाट (मंडल अध्यक्ष), नारायण जाट, कृपाराम गौड़ा, नारायण सिंह, गजेंद्र, राधेश्याम चौधरी (मंदिर समिति के सचिव), मोहन चौधरी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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