महिला के पहले पति ने दूसरे पति पर किया चाकू से हमला, न्यायालय ने सुनाई 5 साल के कारावास की सजा
रतलाम के न्यायालय ने एक महिला के पूर्व पति को 5 साल की सजा सुनाई है। अभियुक्त को महिला के दूसरे पति पर जानलेवा हमले का दोषी पाया गया है।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । प्रधान जिला एव सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे ने एक महिला के पूर्व पति को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड भी सुनाया है। अभियुक्त ने अपनी पत्नी के वर्तमान पति पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। बीच-बचाव में महिला भी घायल हो गई थी।
अतिरिक्त लोक अभियोजक संजीव सिंह चौहान ने बताया कि अभियुक्त रिंकू पिता दुलीचंद खंगरावत निवासी ग्राम सारथल जिला बांरा (राजस्थान) फरियादी महिला का पूर्व पति है। महिला ने उसे छोड़कर अभिषेक अधिकारी के साथ विवाह कर लिया था। इससे रिंकू नाराज हो गया था और दिनांक 22 जुलाई, 2025 की रात बाणेश्वरी कॉलोनी रतलाम स्थित महिला के घर पहुंचा और उसके और उसके पति अभिषेक के साथ गाली-गलौच करने लगा।
महिला ने ऐसा करने से मना किया तो अभियुक्त ने सब्जी काटने के चाकू से अभिषेक पर जान से मारने की से हमला कर दिया। उसने अभिषेक के पेट में 4 जगह चाकू से मारे जिससे खून निकलने लगा। महिला जब बचाने आई तो अभियुक्त ने उसकी कलाई पर भी चाकू से चोट पहुंचाई थी। उसने महिला से कहा कि यदि वह अभिषेक के साथ रही तो दोनों को जान से खत्म कर देगा।
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मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहा घायल युवक
हमले के बाद महिला और उसका दूसरा पति अभिषेक को इलाज के लिए ऑटो रिक्शा से अस्पताल ले जाया गया। जहां से अभिषेक को शासकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया था जहां वह 16 दिन तक भर्ती रहा। बता दें कि घटना वाले दिन ही आरोपी रिंकू को पकड़ लिया गया था और पुलिस के हवाले कर दिया गया था। उसके विरुद्ध औद्योगिक क्षेत्र थाने में बीएनएस की धारा 109, 296, 115(2), 118(1), 351(3) के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया था।
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फरियादी महिला ही हो गई थी पक्ष विरोधी
पुलिस ने विवेचना के बाद प्रधान जिला एव सत्र न्यायाधीश नीना आशापुरे के न्यायालय में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान फरियादी ही पक्षविरोधी हो गई थी, परंतु अन्य साक्ष्यों के कथन और विशेषज्ञ साक्ष्यों के कथन और रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत किए गए थे। अभियोजन के साक्ष्य एवं तर्क से सहमत होकर न्यायालय ने अभियुक्त रिंकू पिता दुलीचंद खंगरावत को दोषी पाते हुए 5 वर्ष के कारावास एवं 2000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन की और से पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह चौहान ने की।
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