लापरवाहों पर सख्ती ! जनगणना प्रशिक्षण में अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, सस्पेंड करने की अनुशंसा की, 3 साल की सजा भी हो सकती है

जनगणना के प्रशिक्षण में अनपुस्थित रहे कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर उन्हें सस्पेंड करने की अनुशंसा की गई है। दोष साबित होने पर 3 साल की सजा और 1 हजार रुपए तक के जुर्माने का भी प्रावधान है।

Apr 12, 2026 - 21:52
Apr 12, 2026 - 21:54
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लापरवाहों पर सख्ती ! जनगणना प्रशिक्षण में अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी, सस्पेंड करने की अनुशंसा की, 3 साल की सजा भी हो सकती है
जनगणना में लापरवाही पर कार्रवाई।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जनगणना 2027 (Census 2027) के कार्य में लापरवाही बरतने वाले 11 कर्मचारियों को नगर निगम आयुक्त (Ratlam Municipal Corporation Commissioner) अनिल भाना (Anil Bhana) ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन पर प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई की गई है। सभी को 24 घंटे में स्पष्टीकरण देने की ताकीद की गई है। कर्मचारियों को सस्पेंड (निलंबित) करने की अनुशंसा भी की गई है।

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भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान का सूचीकरण एवं मकानों की गणना की जानी है। यह कार्य 01 से 30 मई 2026 तक चलेगा। नगर पालिक निगम के क्षेत्र में इस कार्य के लिए प्रगणकों / पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है। इनका प्रथम प्रशिक्षण 11 से 13 अप्रैल 2026 तक में हो रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को आदेशित किया गया था। इसके बावजूद पहले सत्र में 11 कर्मचारी बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहे। सभी गैरहाजिर कर्मचारियों नगर निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी अनिल भाना ने आदेश बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए 24 घंटे में स्पष्टीकरण मांगा है।

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इनके विरुद्ध हुई कार्रवाई

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जनगणना के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे लोकसेवक दिलीप कुमार सिसौदिया (सहा वर्ग 3 सामाजिक न्याय विभाग रतलाम), अंतिमबाला खराड़ी माध्यमिक शिक्षक- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 रतलाम), कैलाशचन्द्र (सहायक शिक्षक - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1 रतलाम), दुर्गा पालीवाल (सहायक शिक्षक - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोती नगर), आशा मकवाना (प्राथमिक शिक्षक - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दीनदयाल नगर), अशोक सिंह पंवार (जिला मलेरिया विभाग पुराना कलेक्ट्रेट), जितेन्द्र तम्बोली (सहायक ग्रेड 2 जिला चिक्त्सालय), ज्योती सोनी (पर्यवेक्षक - महिला बाल विकास नरसिंह वाटीका), दमपा व्यास (जिला मलेरिया विभाग पुराना कलेक्ट्रेट), वासुदेव मईड़ा प्राथमिक शिक्षक – शासकीय न्यू विनोबा हायर सेकंडरी स्कूल), झम्मू डामोर (शिक्षक - शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 1) को नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी को निलंबित करने की अनुशंसा भी की गई है। इसी प्रकार जनगणना कार्य की अवहेलना पर नगर पालिक निगम के कंप्यूटर ऑपरेटर हितेश रान्वे, विक्रम सिंह गेहलोत, भृत्य राजेश डोडिया, यूसुफ इस्माइल, आबिद हुसैन, सलीम मोहम्मद एवं परमानन्द को भी कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर 24 घंटे में प्रति उत्तर चाहा गया है।

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अर्थदंड और सजा का है प्रावधान

जनगणना कार्य में अवहेलना करने पर जनगणना अधिनियम 1948 (Census Act, 1948) एवं जनगणना नियम 1990 (Census Rules, 1990) तथा म.प्र. सिविल सेवा आचरण नियम 1965 (M.P. Civil Services Conduct Rules, 1965) के तहत कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए गए हैं। जनगणना अधिनियम 1948 के अनुसार दंड अधिरोपित करने एवं म.प्र. सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 अंतर्गत तत्काल निलम्बित करने का प्रस्ताव भी किया गया है। बता दें कि जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 एवं 11 के प्रावधान अनुसार जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किए गए लोकसेवकों द्वारा कर्तव्यों का निर्वहन नहीं करने पर एक हजार रुपए तक का अर्थदंड और दोष सिद्ध होने पर तीन वर्षा की सजा का भी प्रावधान है।

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Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।