त्योहारी ऑनलाइन शॉपिंग में सावधान ! ठगी के लिए फर्जी वेबसाइट, आकर्षक ऑफर, नकली डिलीवरी मैसेज तैयार, साइबर ठगों से बचना है तो यह खबर जरूर पढ़ें
नवरात्रि और दशहरा पर ऑनलाइन खरीदारी में साइबर ठगी से बचें। रतलाम पुलिस ने फर्जी वेबसाइट, नकली ऑफर, डिलीवरी मैसेज और UPI फ्रॉड से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की। ठगी होने पर 1930 पर कॉल करें।
रतलाम पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, सतर्क रहने की अपील की
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । नवरात्रि, दशहरा और आगामी त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी के दौरान साइबर ठगी का खतरा बढ़ सकता है। भारी छूट, सस्ते ब्रांडेड उत्पाद, फर्जी शॉपिंग वेबसाइट, नकली डिलीवरी मैसेज और रिफंड के नाम पर साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाने के लिए तैयार बैठे हैं। आपकी थोड़ी सी लापरवाही बैंक खाते से रकम निकलने या निजी जानकारी के दुरुपयोग की वजह बन सकती है।
इसे देखते हुए रतलाम एसपी अमित कुमार (भा.पु.से.) के निर्देश पर रतलाम पुलिस ने आमजन के लिए साइबर सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, ऑफर या भुगतान संबंधी अनुरोध पर बिना जांचे भरोसा नहीं करने की अपील की है।
भारी छूट के लालच से फर्जी वेबसाइट तक, ठगी के ये हैं छह तरीके
1. भारी छूट और आकर्षक ऑफर का झांसा
साइबर अपराधी सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और अन्य ऑनलाइन माध्यमों पर महंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़े तथा ब्रांडेड उत्पाद बेहद कम कीमत पर बेचने के विज्ञापन प्रसारित कर सकते हैं। ऐसे विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को फर्जी वेबसाइट या पेज पर ले जाकर भुगतान कराया जाता है, लेकिन सामान की डिलीवरी नहीं होती। पुलिस ने असामान्य छूट देखकर जल्दबाजी में भुगतान नहीं करने और विक्रेता की विश्वसनीयता जांचने की सलाह दी है।
2. असली कंपनियों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और ऐप
साइबर ठग प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम, लोगो और डिजाइन से मिलती-जुलती फर्जी वेबसाइट या ऐप तैयार कर सकते हैं। इनमें बैंकिंग, कार्ड या व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने से आर्थिक नुकसान हो सकता है। पुलिस ने खरीदारी के लिए कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करने और अनजान लिंक से ऐप अथवा APK फाइल डाउनलोड नहीं करने की अपील की है।
3. व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया के फर्जी लिंक
'फेस्टिव मेगा सेल', 'सीमित समय का ऑफर', 'गिफ्ट जीतें' और 'विशेष कूपन पाएं' जैसे संदेशों के साथ संदिग्ध लिंक भेजे जा सकते हैं। इन पर क्लिक करने से व्यक्ति फर्जी वेबसाइट तक पहुंच सकता है। इससे निजी जानकारी के दुरुपयोग का खतरा रहता है। पुलिस ने ऐसे लिंक खोलने से बचने और ऑफर की पुष्टि संबंधित कंपनी के आधिकारिक प्लेटफॉर्म से करने को कहा है।
4. पार्सल और डिलीवरी अपडेट के नाम पर ठगी
'आपका पार्सल रोक दिया गया है', 'डिलीवरी विफल हो गई है' या 'पता अपडेट करें' जैसे संदेशों के जरिए भी ठगी की जा सकती है। इनमें दिए गए लिंक पर व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण या OTP मांगा जा सकता है। पुलिस ने पार्सल की स्थिति आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से जांचने तथा अनजान व्यक्ति को स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस की अनुमति नहीं देने की सलाह दी है।
5. QR कोड और UPI भुगतान के जरिए धोखाधड़ी
रिफंड देने, भुगतान प्राप्त कराने या किसी ऑफर का लाभ दिलाने के नाम पर साइबर ठग लोगों से QR कोड स्कैन करवा सकते हैं या UPI PIN दर्ज करने के लिए कह सकते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सामान्यतः पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN दर्ज करने की जरूरत नहीं होती। PIN डालने से पहले भुगतान का विवरण जांचें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर QR कोड स्कैन कर भुगतान न करें।
6. फर्जी कस्टमर केयर नंबर से रहें सावधान
इंटरनेट और सोशल मीडिया पर मौजूद फर्जी कस्टमर केयर नंबरों के जरिए भी लोगों को निशाना बनाया जा सकता है। शिकायत, रिफंड या ऑर्डर रद्द कराने के नाम पर ठग OTP, बैंकिंग विवरण या स्क्रीन शेयरिंग ऐप की जानकारी मांग सकते हैं। पुलिस ने कस्टमर केयर नंबर केवल संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से प्राप्त करने और किसी के साथ OTP, UPI PIN या बैंकिंग पासवर्ड साझा नहीं करने की अपील की है।
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान याद रखें ये 10 नियम
- रतलाम पुलिस ने ऑनलाइन खरीदारी को सुरक्षित बनाने के लिए दस जरूरी सावधानियां अपनाने की सलाह दी है।
- हमेशा विश्वसनीय प्लेटफॉर्म से ही खरीदारी करें।
- भुगतान से पहले वेबसाइट का सही वेब एड्रेस जांचें।
- असामान्य छूट देखकर जल्दबाजी में फैसला न लें।
- OTP, UPI PIN, ATM PIN और पासवर्ड किसी से साझा न करें।
- पैसे प्राप्त करने के नाम पर UPI PIN दर्ज न करें।
- अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड न करें।
- अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
- भुगतान से पहले प्राप्तकर्ता का नाम और राशि जांचें।
- बैंक खाते और UPI लेन-देन के अलर्ट पर नजर रखें।
- साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए शिकायत दर्ज कराएं।
साइबर ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें कॉल
ऑनलाइन खरीदारी, फर्जी वेबसाइट, UPI भुगतान या किसी अन्य डिजिटल माध्यम से आर्थिक ठगी होने पर घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। रतलाम पुलिस ने पीड़ितों से साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत संपर्क करने तथा नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को भी करें जागरूक
रतलाम पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नवरात्रि, दशहरा और अन्य त्योहारों के दौरान ऑनलाइन खरीदारी करते समय विशेष सतर्कता बरतें। किसी आकर्षक ऑफर, संदिग्ध लिंक, QR कोड, फर्जी डिलीवरी संदेश या रिफंड संबंधी कॉल पर सत्यापन के बिना भरोसा न करें। परिवार के बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और ऑनलाइन भुगतान का कम अनुभव रखने वाले लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
रतलाम पुलिस का संदेश
सतर्क रहें, सुरक्षित खरीदारी करें और साइबर अपराधियों के झांसे में आने से बचें। “आपकी सुरक्षा, हमारी प्राथमिकता।”





