रॉयल हॉस्पिटल के 100 निःशुल्क चिकित्सा शिविर के महाअभियान में बड़ोदिया में लगा शिविर, 312 मरीजों ने लिया लाभ

रॉयल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेन्टर द्वारा बड़ोदिया गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें मरीजों का निःशुल्क इलाज कर दिवाई दी।

Feb 6, 2023 - 08:22
Feb 9, 2023 - 00:57
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रॉयल हॉस्पिटल के 100 निःशुल्क चिकित्सा शिविर के महाअभियान में बड़ोदिया में लगा शिविर, 312 मरीजों ने लिया लाभ
रॉयल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर द्वारा आयोजित शिविर में मरीजों का परीक्षण करतेे डॉक्टर।

गंभीर मरीजों का घर जाकर चिकित्सकों ने किया इलाज

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रॉयल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेन्टर, सालाखेड़ी द्वारा बड़ोदिया गांव में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इसमें बड़ोदिया एवं आसपास के क्षेत्र के 312 लोगों ने स्वास्थ्य लाभ लिया। डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाइयां प्रदान की। 

शिविर के उद्घाटन गांव के नाहर चौधरी, भरतलाल चौधरी, सीताराम मकवाना, धन्नालाल चौधरी एवं रीतेश चौधरी उपस्थित में हुआ। इस मौके पर रॉयल हॉस्पिटल के चेयरमैन प्रमोद गुगालिया व डायरेक्टर डॉ. उबेद अफजल एवं प्रबंधन समिति के सदस्य भी मौजूद रहे। तीन घन्टे चले शिविर में 3 डॉक्टरों की टीम (डॉ. शमशुलहक, डॉ. सी. पी. जोशी एवं महिला रोग चिकित्सक डॉ. सुमित्रा चौहान) ने लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें चिकित्सीय परामर्श दिया। इसमें भिन्न-भिन्न उम्र के मरीज शामिल रहे।

अत्यधिक बीमार व चलने में असमर्थ मरीजों का परीक्षण उनके घर जाकर किया गया और वहीं दवाई दी गई। शिविर में रॉयल हॉस्पिटल के प्रशासक दिनेश राजपुरोहित, सिस्टर सरोज यादव, सिस्टर ऋतु सिसौदिया, सिस्टर उर्मिला पाटीदार, सिस्टर करुणा डामोर, ड्रेसर कृष्णा शर्मा, दीपेंद्र शर्मा आदि का सहयोग रहा।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।