चिकित्सालय मानव सेवा का बेहतरीन उदाहरण जहां से बीमार व्यक्ति खुशी लेकर लौटता है- राज्यपाल गहलोत

रतलाम में चिकित्सा सेवा के बढ़ते दायरे पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने प्रन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे मानवता की सेवा का पर्याय बताया है।

Mar 19, 2023 - 01:34
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चिकित्सालय मानव सेवा का बेहतरीन उदाहरण जहां से बीमार व्यक्ति खुशी लेकर लौटता है- राज्यपाल गहलोत
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत संबोधित करते हुए।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम  कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत का कहना है कि चिकित्सालय मानव सेवा का बेहतरीन उदाहरण होते हैं। यहां से बीमार व्यक्ति स्वस्थ होकर खुशी लेकर लौटता है। अतः सदैव मानवता की सेवा में कार्य करना चाहिए।

राज्यपाल गहलोत शनिवार को रतलाम में एक निजी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर विधायक चेतन्य काश्यप ने  कहा कि रतलाम शहर सकारात्मक रूप से बदल रहा है। शिक्षाचिकित्सा तथा अन्य सेवाओं की उपलब्धता में रतलाम अब अग्रणी भूमिका का निर्वाह कर रहा है। शहर में बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। विभिन्न क्षेत्रों में समग्र विकास और विकसित रतलाम की निश्चित रूप से  पूरे देश में अपनी एक विशेष पहचान स्थापित होगी।

इन्होंने भी संबोधित किया

जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय ने भी संबोधित किया। उन्होंने मानवता की सेवा के लिए सदैव समर्पित रहने की बात कही। रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना, महापौर प्रहलाद पटेल, पद्मश्री डॉ. लीला जोशी, पूर्व विधायक जितेन्द्र गहलोत ने भी चिकित्सा सेवा  को लेकर विचार व्यक्त किए।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान के चेयरमैन भरत बैरागी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. सुनील पाटीदार, सीएसपी हेमंत चौहान आदि उपस्थित थे।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।