श्वान पालना है तो नगर निगम में करवाना होगा श्वान का पंजीयन और लाइसेंस भी लेना होगा लेकिन 2 से ज्यादा पालने की नहीं मिलेगी अनुमति

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर में लोगों को श्वान पालने के लिए पंजीयन करवाना होगा और लायसेंस भी लेना होगा।

Jan 18, 2022 - 03:25
 0
श्वान पालना है तो नगर निगम में करवाना होगा श्वान का पंजीयन और लाइसेंस भी लेना होगा लेकिन 2 से ज्यादा पालने की नहीं मिलेगी अनुमति

नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 355 356 के तहत नगर में रहने वाले बिना रजिस्ट्रेशन नहीं पाल सकते श्वान 

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 355 और 356 के तहत नगर में रहने वाले बिना पंजीयन के श्वान नहीं पाल सकते हैं। उन्हें अपने पालतू श्वान का पंजीयन करना और लायसेंस लेना अनिवार्य है। 

नगर निगम आयुक्त सोमनाथ झारिया ने बताया कि नगरीय क्षेत्र अन्तर्गत लोग अपने पालतू श्वान को गले में बिना पट्टा डाले अथवा अन्य चिह्नों के बिना ही आवारा श्वान की भांति छोड़ देते हैं। इससे आम नागरिकों में भय का वातावरण निर्मित होता है। ऐसे श्वान और उनके मालिकों के लिए नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 355 व 356 के तहत अनिवार्य किया गया है। 

150

नगर निगम प्रशासन ने श्वान पालकों से निगम के स्वास्थ्य विभाग की लायसेंस शाखा से अनिवार्य रूप से श्वानों का पंजीयन कराने और लायसेंस लेने की अपील की है। निगम ने लोगों से कहा है कि वे अपने श्वान के गले में पट्टा डालकर रखें और अन्य पहचान चिह्न भी जरूर लगवाएं।

500
200

यह है पंजीयन और लायसेंस शुल्क

श्वान पालक को नगर पालिक निगम के स्वास्थ्य विभाग अन्तर्गत लायसेंस शाखा में पंजीयन करवा कर लायसेंस लेना होगा। उन्हें प्रति श्वान 1000 रुपए  देकर पंजीयन कराना होगा। इसके अलावा श्वान लेने के लिए लायसेंस भी लेना होगा। लायसेंस के लिए 500 रुपए प्रति श्वान चुकाने होंगे। लायसेंस का नवीनीकरण कराने के लिए प्रति श्वान 100 रुपए देने होंगे। कोई भी व्यक्ति अधिकत 2 श्वान पाल सकता है। इससे अधिक की अनुमति उन्हें नहीं दी जाएगी।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।