नागर ब्राह्मण समाज की 68 प्रतिभाओं का सम्मान, नागर वैभव स्मारिका विमोचित, अतिथि बोले- शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
रतलाम में मध्यप्रदेश नागर ब्राह्मण परिषद के दो दिवसीय आयोजन में 68 छात्र-छात्राओं सहित समाज की विशिष्ट प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। ‘नागर वैभव’ स्मारिका का विमोचन भी हुआ।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सामाजिक एकजुटता, युवाओं के मार्गदर्शन एवं वैवाहिक संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश नागर ब्राह्मण परिषद द्वारा आयोजित दो दिवसीय प्रतिभा सम्मान एवं ‘नागर वैभव’ पत्रिका विमोचन समारोह आयोजित किया गया। सागोद रोड स्थित देवश्री गार्डन में आयोजित समारोह में नर्सरी से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के 68 छात्र-छात्राओं सहित सेवानिवृत्त सदस्यों, समाज की विशिष्ट प्रतिभाओं एवं नवागंतुक 5 सदस्यों का सम्मान किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि उज्जैन के डॉ. अरुण व्यास, विशेष अतिथि समाजसेवी एवं भाजपा नेता महादेव प्रसाद नागर तथा शिक्षाविद् श्वेता नागर रहीं। हाटकेश्वर न्यास अध्यक्ष संजय दवे एवं महिला परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी रावल भी मंचासीन रहे। अतिथियों ने कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान हाटकेश्वर की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, माल्यार्पण एवं मंगलाचरण कर किया। अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष पं. जितेन्द्र नागर, संदीप जोशी, निर्मल व्यास, बबलू, ओम त्रिवेदी, हेमंत भट्ट, धर्मेन्द्र नागर, महेश रावल, नवनीत मेहता, दिलीप मेहता, सत्येन्द्र मेहता, पवन दवे, रितेश मंडलोई, राकेश नागर एवं राजेन्द्र रावल ने दुपट्टा एवं माला पहनाकर किया।
प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर किया सम्मान
इस मौके पर समाज के नर्सरी से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक के 68 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। सेवानिवृत्त सदस्यों, नागर ब्राह्मण समाज की विशिष्ट प्रतिभाओं एवं नवागंतुक 5 सदस्यों का भी अतिथियों द्वारा सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर अखिल भारतीय स्तर की स्मारिका ‘नागर वैभव’ का अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। स्मारिका का संपादन ओम त्रिवेदी तथा सह-संपादन मनीष रावल एवं आशीष नागर ने किया है।
120 पृष्ठों की स्मारिका में 300 से अधिक युवक-युवतियों के बायोडाटा
संपादक ओम त्रिवेदी ने बताया कि 120 पृष्ठों वाली रंगीन स्मारिका को सुंदर कलेवर के साथ तैयार किया गया है। इसमें 300 से अधिक नागर ब्राह्मण युवक-युवतियों के वैवाहिक रिश्तों के लिए सचित्र बायोडाटा सहित अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों का संकलन किया गया है। यह स्मारिका वैवाहिक रिश्ते तय करने में उपयोगी सिद्ध होगी।
शिक्षा के साथ संस्कार जरूरी
कार्यक्रम के प्रारंभ में अध्यक्ष पं. जितेन्द्र नागर ने दो दिवसीय कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ. अरुण व्यास ने रतलाम की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि समाज में संस्कारों का होना बहुत जरूरी है। बच्चों को संस्कारवान बनाने में मातृशक्ति की बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इसलिए शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी हैं।
शिक्षाविद् श्वेता नागर ने कहा कि असफलता को सफलता प्राप्त करने के बाद भी हमेशा ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि असफलता ही सफलता की जननी है। विशेष अतिथि महादेव प्रसाद नागर ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वे आयोजन से बहुत प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन से जुड़े सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
भजन संध्या में महिलाओं ने किया नृत्य
कार्यक्रम के पश्चात संगीतमय भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजनों की थाप पर महिलाओं ने भावविभोर होकर नृत्य किया। प्रतिभा सम्मान, पत्रिका विमोचन एवं भजन संध्या के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।



