विधि महाविद्यालय के गणेशोत्सव में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश से नाराज विद्यार्थियों ने खोला मोर्चा, ज्ञापन सौंपकर प्राचार्य व छात्राओं से अभद्रता का लगाया आरोप
रतलाम के डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय में गणेशोत्सव एवं गरबा कार्यक्रम के दौरान बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश और हंगामे के आरोपों को लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। दोषियों पर कार्रवाई और कॉलेज में भयमुक्त वातावरण की मांग की गई।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय में गणेशोत्सव के दौरान आयोजित गरबा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। 21 सितम्बर को कॉलेज के ऑडिटोरियम में चल रहे कार्यक्रम के दौरान बाहरी लोगों द्वारा हंगामा करने और कार्यक्रम बंद कराने के प्रयास के विरोध में विद्यार्थियों ने मोर्चा खोल दिए है। उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय को सामूहिक ज्ञापन सौंपकर मामले में कानूनी कार्रवाई और कॉलेज परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। छात्रों ने बताया कि गणेशोत्सव के तहत आयोजित कार्यक्रम महाविद्यालय प्रबंधन की अनुमति और निगरानी में हो रहा था। इसी दौरान सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा और कुछ अन्य अज्ञात व्यक्ति परिसर में घुस गए गए। इन लोगों ने कार्यक्रम में व्यवधान पैदा किया और उसे बंद कराने का प्रयास किया।
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छात्राओं में असुरक्षा का माहौल
विद्यार्थियों ने कहा है कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ अभद्र एवं धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया गया। प्राचार्या के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया। इस घटना के बाद से कॉलेज में विशेषकर छात्राओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता और असुरक्षा का माहौल बना है। अतः घटना के समय कॉलेज में मौजूद प्राचार्या, स्टाफ और प्रत्यक्षदर्शी विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जाए।
कार्यक्रम को लेकर फैलाए जा रहे आरोपों की भी जांच की मांग
ज्ञापन में बताया गया है कि बाहरी तत्वों द्वारा संस्थान में 'कपल गरबा' और 'पैसे लेकर प्रवेश' जैसे आरोप लगाए गए हैं जो निराधार हैं। कार्यक्रम और महाविद्यालय की प्रतिष्ठा को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित की जा रही है। विद्यार्थियों का कहना है कि इन आरोपों की भी तथ्यात्मक जांच कर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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BNS की धाराओं में केस दर्ज हो
विद्यार्थियों ने सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर BNS की धारा 329, 351, 352, 356 तथा BNSS के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। संबंधित व्यक्तियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की जांच और सत्यापन कराने की मांग भी की है। विद्यार्थियों ने स्पष्ट किया कि महाविद्यालय के अधिकृत कार्यक्रमों में बाहरी एवं अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोका जाना चाहिए, ताकि कॉलेज का शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन करेंगे
ज्ञापन में विद्यार्थियों ने कहा कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए होते हैं और किसी बाहरी व्यक्ति को कॉलेज की गरिमा तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने प्रशासन से समय रहते कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि मामले में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो छात्र हित में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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छात्रों की प्रमुख मांगें एक नजर में
- घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई।
- सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा एवं अन्य के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग।
- प्राचार्या, कॉलेज स्टाफ और प्रत्यक्षदर्शी विद्यार्थियों के बयान दर्ज किए जाएं।
- कार्यक्रम से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जाए।
- महाविद्यालय के अधिकृत कार्यक्रमों में बाहरी एवं अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगे।
- कार्यक्रम को लेकर लगाए जा रहे 'कपल गरबा' और पैसे लेकर प्रवेश के आरोपों की तथ्यात्मक जांच हो।
- संबंधित व्यक्तियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाए।
- विद्यार्थियों के लिए भयमुक्त एवं सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित किया जाए।









