ओ. पी. जोशी तीसरी बार बने जन स्वास्थ्य रक्षक संघ के जिला अध्यक्ष, ईश्वरलाल बोराना उपाध्यक्ष व महावीरसिंह सोनगरा सचिव निर्वाचित

रतलाम में जिले के जन स्वास्थ्य रक्षक संघ के चुनाव संपन्न हुई। इसमें ओपी जोशी को तीसरी बार जिला अध्यक्ष चुना गया।

Apr 28, 2022 - 12:01
Apr 28, 2022 - 21:56
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ओ. पी. जोशी तीसरी बार बने जन स्वास्थ्य रक्षक संघ के जिला अध्यक्ष, ईश्वरलाल बोराना उपाध्यक्ष व महावीरसिंह सोनगरा सचिव निर्वाचित
जन स्वास्थ्य रक्षक संघ के जिला अध्यक्ष निर्वाचित होने पर बधाई और शुभकामनाएं देते हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. लेखराज पाटीदार व अन्य।
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । जन स्वास्थ्य रक्षकों की जिला स्तरीय बैठक स्थानीय एक होटल में संपन्न हुई। इसमें जन स्वास्थ्य रक्षक संघ जिला रतलाम के पदाधिकारियों का चयन किया गया। जिला अध्यक्ष पद पर ओपी जोशी को चुना गया।
मुख्य अतिथि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. लेखराज पाटीदार थे। आयोजन को डॉ. पाटीदार व डॉ. देवेंद्र वैष्णव, डॉ. दीपक यादव एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, डॉ. गौरव नाहर (यूरोलॉजिस्ट), डॉ. लेखराज पाटीदार आदि ने संबोधित किया। इस दौरान संघ की कार्यकारिणा का चुनाव हुआ जिसमें ओ. पी. जोशी को तीसरी बार जिला अध्यक्ष पद पर चुना गया। ईश्वर बोराना उपाध्यक्ष व महावीर सिंह सोनगरा सचिव चुने गए। अन्य पदाधिकारियों का भी चयन किया गया। इस मौके पर सीएमई (सतत चिकित्सा शिक्षा) कैंप का भी आयोजन किया गया।

ये रहे मौजूद

इस अवसर पर सीएमई का भी  महादेव पाटीदार, गोवर्धनलाल निराला, दशरथ पाटीदार, अमरसिंह झाला, सुनील पाठक, बद्रीलाल राठौड़, हरीशचंद्र तिवारी, गोपाल राठौड़, मनोज तिवारी, गोपाल सूर्यवंशी, सुरेश पाटीदार सहित करीब 70 जन स्वास्थ्य रक्षक मौजूद थे। संचालन महावीर सिंह सोनगरा ने किया। आभार ईश्वरलाल बोराना ने माना।
Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।