जयपुर-उदयपुर तक नहीं मिली राहत, रतलाम जिला अस्पताल ने जटिल सर्जरी से युवक को फिर पैरों पर खड़ा किया
जयपुर और उदयपुर रेफर किए गए सड़क हादसे के घायल युवक का रतलाम जिला चिकित्सालय में जटिल अस्थि ऑपरेशन सफल रहा। गलत जुड़ी हड्डी को दोबारा सर्जरी कर ठीक किया गया और युवक फिर सामान्य रूप से चलने लगा।
सड़क हादसे के बाद गलत तरीके से जुड़ गई थी पैर की हड्डी, दूसरी सर्जरी कर डॉक्टरों ने लौटाई चलने की क्षमता
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । सड़क दुर्घटना के बाद पैर की हड्डी गलत तरीके से जुड़ जाने से महीनों तक चलने-फिरने में असमर्थ रहे राजस्थान के एक युवक को आखिरकार रतलाम जिला चिकित्सालय में नई उम्मीद मिली। जिन परिस्थितियों में उसे आगे के इलाज के लिए जयपुर और उदयपुर जैसे बड़े चिकित्सा केंद्रों का विकल्प बताया गया था, उसी मरीज की जटिल अस्थि शल्य चिकित्सा रतलाम जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने सफलतापूर्वक कर उसे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया।
सिविल सर्जन डॉ. ए. पी. सिंह ने बताया कि राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के ग्राम छायन बड़ी निवासी 24 वर्षीय गोरधन पिता नानजी अक्टूबर 2025 में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए थे। हादसे में उनके पैर की हड्डी गंभीर रूप से टूट गई थी। प्रारंभिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय बांसवाड़ा और एक निजी अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया, लेकिन हड्डी सही स्थिति में नहीं जुड़ सकी।
लगातार उपचार के बावजूद पैर की विकृति बढ़ती गई। हड्डी टेढ़ी जुड़ जाने से गोरधन का चलना-फिरना लगभग असंभव हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें आगे के उपचार के लिए उदयपुर अथवा जयपुर जाने की सलाह दी गई। करीब छह से सात माह तक परेशानी झेलने के बाद उन्हें रतलाम जिला चिकित्सालय में पदस्थ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. भरत निनामा के बारे में जानकारी मिली और वे इलाज के लिए रतलाम पहुंचे।
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हड्डी गलत जुड़ने का मामला आया सामने
जांच के दौरान डॉ. भरत निनामा और डॉ. अभिनव जैन ने पाया कि पहले हुए ऑपरेशन के बाद हड्डी गलत एलाइनमेंट में जुड़ चुकी है। मरीज को दोबारा जटिल शल्य चिकित्सा की आवश्यकता थी। चिकित्सकों ने परिजनों को पूरी प्रक्रिया और संभावित जोखिमों से अवगत कराया। सहमति मिलने के बाद मई 2026 में री-करेक्टिव सर्जरी की गई। ऑपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. महेश मौर्य ने निभाई। इसके बाद करीब एक माह तक उपचार और पुनर्वास की प्रक्रिया चली। इलाज सफल रहा और गोरधन अब सामान्य रूप से चलने-फिरने लगे हैं।
डॉक्टर और स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया
गोरधन और उनके परिजनों ने सफल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय रतलाम के चिकित्सकों और पूरी मेडिकल टीम का आभार व्यक्त किया। यह मामला जिला चिकित्सालय रतलाम में जटिल ऑर्थोपेडिक सर्जरी की उपलब्ध क्षमता और विशेषज्ञ चिकित्सकों की दक्षता का महत्वपूर्ण उदाहरण बनकर सामने आया है।
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