श्रद्धा के सैलाब ! भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग भगवान जगन्नाथ ने किया नगर भ्रमण, रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में मची होड़

रतलाम के 350 वर्ष प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर से 29वीं भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली। हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का रथ खींचा, शहरभर में पुष्पवर्षा हुई और तलवारबाजी व राधा-कृष्ण की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।

श्रद्धा के सैलाब ! भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा संग भगवान जगन्नाथ ने किया नगर भ्रमण, रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में मची होड़
रतलाम में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य यात्रा।

350 वर्ष प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर से निकली 29वीं भव्य रथयात्रा का पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत, घोड़े-ऊंट बने आकर्षण, मातृशक्ति ने दिखाए शौर्य के करतब

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । थावरिया बाजार गुरुवार दोपहर श्रद्धा, आस्था और भक्ति के रंग में पूरी तरह रंगा नजर आया। 350 वर्ष प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर से जैसे ही भगवान श्री जगन्नाथ, बड़े भाई श्री बलभद्र और बहन सुभद्रा का रथ रवाना हुआ, "जय जगन्नाथ" के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। रथ की रस्सी थामने के लिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पूरे भक्तिभाव के साथ भगवान का रथ खींचते नजर आए, वहीं शहर के प्रमुख मार्गों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का भव्य स्वागत किया।

आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर आयोजित दो दिवसीय रथयात्रा महोत्सव के तहत सुबह भगवान श्री जगन्नाथ का पूजन-अर्चन, सहस्त्रधारा अभिषेक, विशेष शृंगार और महाआरती संपन्न हुई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा की प्रतिमाओं को विधि-विधान से रथ में विराजित किया गया। रथ के पीछे चल रही बग्घी में तीनों देवों की प्राचीन तस्वीर भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं।

रथ जैसे ही थावरिया बाजार से आगे बढ़ा, श्रद्धालुओं में भगवान का रथ खींचने की होड़ मच गई। हर कोई रथ की रस्सी थामकर स्वयं को धन्य महसूस कर रहा था। "जय जगन्नाथ" के जयघोष लगातार गूंज रहे थे और पूरा मार्ग भक्ति के रंग में डूबा दिखाई दे रहा था। रथ के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल चलते रहे और पूरे नगर भ्रमण के दौरान भगवान के दर्शन करते रहे।

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जहां-जहां पहुंची रथयात्रा, वहां बरसे फूल

रथयात्रा का शहर के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालुओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। कई स्थानों पर मकानों की छतों और बालकनियों से पुष्पवर्षा की गई तो कई जगह श्रद्धालु सड़क किनारे खड़े होकर भगवान के दर्शन करते नजर आए। पूरा मार्ग फूलों की खुशबू और जयघोष से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं के चेहरे पर भगवान के दर्शन का उल्लास साफ दिखाई दे रहा था।

घोड़े-ऊंट बने आकर्षण, मातृशक्ति ने दिखाए शौर्य के करतब

रथयात्रा के अग्रभाग में घोड़े और ऊंट सभी का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। उनके पीछे भगवा ध्वज थामे श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ आगे बढ़ रहे थे। इसके बाद मातृशक्ति ने सत्यनारायण पहलवान के मार्गदर्शन में तलवारबाजी के शानदार करतब दिखाए। उनके हैरतअंगेज प्रदर्शन पर पूरे मार्ग में मौजूद श्रद्धालुओं ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया।

राधा-कृष्ण की प्रस्तुतियों पर झूमे श्रद्धालु

रथयात्रा के बीच इंदौर से आई श्री राधाकृष्ण एवं गोपियों की टोली आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी रही। भक्ति गीतों पर उनकी मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजनों की धुन पर श्रद्धालु ही नहीं, रथयात्रा में शामिल जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक भी भाव-विभोर होकर झूमते और नृत्य करते नजर आए।

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जनप्रतिनिधियों ने भी श्रद्धालुओं के साथ खींचा रथ

रथयात्रा में महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, आडीए अध्यक्ष मनोहर पोरवाल, प्रवीण सोनी, पूर्व महापौर शैलेन्द्र डागा, विश्वमोहन लोढ़ा, पूर्व पार्षद मुन्नालाल शर्मा, गोपाल शर्मा, रामचन्द्र डोई, गजेन्द्र यादव, भरत जैन, दीपक चौरड़िया, प्रदीप गौड़, नीलेश द्विवेदी, सन्नी सेनी और प्रदीप सोनी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक श्रद्धालुओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे। कई जनप्रतिनिधि स्वयं भी भगवान के रथ की रस्सी थामकर उसे खींचते नजर आए।

शहर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली रथयात्रा

रथयात्रा थावरिया बाजार स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सूरजपौर, महलवाड़ा, पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा, धानमंडी, गणेश देवरी, तोपखाना, चांदनी चौक, चौमुखी पुल, घांस बाजार, सायर चबूतरा, सेठजी का बाजार और मेहताजी का वास होते हुए पुनः श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और भगवान के दर्शन के लिए जगह-जगह लोगों की भीड़ उमड़ती रही।

महाआरती के साथ हुआ समापन, सत्यनारायण पहलवान का सम्मान

रथयात्रा के पुनः श्री जगन्नाथ मंदिर पहुंचने पर भगवान की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर समिति ने सत्यनारायण पहलवान का शाल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। अंत में आयोजन समिति ने सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं और नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।

दो दिवसीय महोत्सव का रहा आयोजन

यात्रा समिति के संरक्षक मुन्नालाल शर्मा, अध्यक्ष मंगल लोढ़ा और कोषाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय रथयात्रा महोत्सव के तहत 15 जुलाई को महिला मंडल द्वारा सुंदरकांड का आयोजन किया गया था। गुरुवार को धार्मिक अनुष्ठानों के बाद परंपरागत श्रद्धा और उल्लास के साथ 29वीं रथयात्रा संपन्न हुई।

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