जैन-इंटरनेशनल कॉन्क्लेव : जैन दर्शन वैश्विक शांति का मार्ग, इसे जन-जन तक पहुंचाना समय की जरूरत : चेतन्य काश्यप
हैदराबाद में आयोजित 'हार्ट ऑफ ए जैन-इंटरनेशनल कॉन्क्लेव' में कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने जैन दर्शन को वैश्विक शांति का मार्ग बताते हुए 'द हार्ट ऑफ जैनिज़्म' पुस्तक का विमोचन किया।
हैदराबाद में 'हार्ट ऑफ ए जैन-इंटरनेशनल कॉन्क्लेव' का शुभारंभ, 'द हार्ट ऑफ जैनिज़्म' पुस्तक का विमोचन एवं ध्यान सत्र आयोजित
एसीएन टाइम्स @ हैदराबाद । नगर के कान्हा शांति वनम् में आयोजित दो दिवसीय 'हार्ट ऑफ ए जैन-इंटरनेशनल कॉन्क्लेव' का शनिवार को शुभारंभ हुआ। मुख्य अतिथि वर्ल्ड जैन कॉन्फेडरेशन के चेयरमैन एवं मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप रहे। मुख्य अतिथि ने हार्टफुलनेस फाउंडेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल 'दाजी' की पुस्तक 'द हार्ट ऑफ जैनिज़्म' का विमोचन किया तथा विशेष ध्यान सत्र में भी भाग लिया।
समारोह में इस अवसर पर पद्मश्री डॉ. कुमारपालभाई देसाई, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे। इस मौके पर चेतन्य काश्यप ने कहा कि जैन दर्शन केवल एक धर्म का दर्शन नहीं, बल्कि वैश्विक दर्शन है, जो समाज को शांतिप्रिय और मानवीय मूल्यों से समृद्ध बना सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे वैचारिक मंच जैन दर्शन को समाज के व्यापक विमर्श का हिस्सा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
असाधारण व्यक्तित्व के धनी हैं 'दाजी'
उन्होंने कहा कि हार्टफुलनेस फाउंडेशन के वैश्विक मार्गदर्शक 'दाजी' असाधारण व्यक्तित्व के धनी हैं। उन्होंने विभिन्न धार्मिक परंपराओं के सार को जैन दर्शन से प्रेरित बताते हुए उसे पुस्तक के माध्यम से समाज के सामने प्रस्तुत करने का सराहनीय प्रयास किया है। यह पुस्तक अहिंसा और मानवीय मूल्यों को व्यवहारिक जीवन में उतारने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।
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‘वर्तमान में समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वास की’
काश्यप ने कहा कि दर्शन शाश्वत होते हैं, लेकिन प्रत्येक युग में उन्हें समकालीन संदर्भों के अनुरूप पुनः स्थापित करने की आवश्यकता होती है। वर्तमान समय में समाज के सामने सबसे बड़ी चुनौती विश्वास की है। भगवान महावीर ने केवल आध्यात्मिक मार्ग ही नहीं दिखाया, बल्कि ऐसा जीवन-दर्शन दिया जो अहिंसा, करुणा और मानवीय मूल्यों पर आधारित है। उन्होंने युवाओं तक जैन दर्शन के संदेश को पहुंचाने के लिए इस प्रकार के वैचारिक आयोजनों को निरंतर गति देने पर बल दिया।
दो दिवसीय कॉन्क्लेव का समापन 12 जुलाई को होगा। इसमें वर्ल्ड जैन कॉन्फेडरेशन के अध्यक्ष जितेंद्रभाई शाह, अभिनेता विद्युत जामवाल, जीतो (JITO) के पदाधिकारी तथा देश-विदेश से आए अनेक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
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