रतलाम : दोहरे हत्याकाण्ड के फरार आरोपी दीपक जाट पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित, अभी दो आरोपी हैं फरार

रतलाम एसपी ने करीब सवा महीने पहले हुए दोहरे हत्याकांड में फरार आरोपी दीपक जाट पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। मामले में अब तक 19 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

Apr 27, 2024 - 01:00
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रतलाम : दोहरे हत्याकाण्ड के फरार आरोपी दीपक जाट पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित, अभी दो आरोपी हैं फरार
दोहरे हत्याकांड के आरोपी दीपक जाट पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित।

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । नामली थाना क्षेत्र के बांगरोद-नेगड़दा मार्ग पर हुए दोहरे हत्याकांड के दो आरोपी वारदात के 26 दिन बाद भी फरार हैं। अभी तक पुलिस 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में एक फरार आरोप दीपक जाट पर एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने 10 हजार रुपए इनाम घोषित किया है।

विगत 21 मार्च 2024 की रात को बांगरोद-नेगड़दा मार्ग पर केशव पिता विष्णुलाल गुर्जर (29) निवासी ग्राम सेमलिया थाना नामली व गजेन्द्र पिता पूनमचंद्र डोडिया जाति (29) निवासी ग्राम अमलेटा थाना नामली शव बरामद हुए थे। दोनों की की हत्या कर शव काण्डरवासा फंटे पर एक्सीडेंट दर्शाने की नियत से फेंक दिए गए थे। इसके बाद हत्याकांड के आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने पहले मर्ग और उसके बाद धारा 302, 201, 120बी, 34 भादंवि के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

पुलिस द्वारा हत्याकांड में अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सभी जेल में हैं। दो आरोपी राजाराम चौधरी निवासी जड़वासा कला और दीपक जाट निवासी नेगड़दा फरार हैं। इनमें से दीपक जाट की गिरफ्तारी पर एसपी लोढ़ा ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। राजाराम पर 10 हजार रुपए का इनाम पूर्व में ही घोषित किया जा चुका है।

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।