सरकारी जमीन पर बनी विवादित दरगाह पर बिना अनुमति होने वाला उर्स रद्द, शिकायत के बाद प्रशासन और पुलिस ने दिखाई तत्परता

रतलाम के बंजली में विवादित दरगाह पर प्रस्तावित उर्स आयोजन शिकायत के बाद रद्द। शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के आरोप, प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर।

May 7, 2026 - 01:28
May 7, 2026 - 01:51
 0
सरकारी जमीन पर बनी विवादित दरगाह पर बिना अनुमति होने वाला उर्स रद्द, शिकायत के बाद प्रशासन और पुलिस ने दिखाई तत्परता
बंजली स्थित दरगाह पर प्रस्तावित उर्स कार्यक्रम रद्द।

रतलाम–सैलाना मार्ग पर बंजली में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला

एसीएन टाइम्स @ रतलाम । रतलाम–सैलाना मार्ग पर बंजली के समीप सरकारी जमीन पर स्थित विवादित दरगाह / मजार पर प्रस्तावित उर्स और कव्वाली का आयोजन रद्द हो गया है। बिना अनुमति आयोजन किए जाने को लेकर हुई शिकायत के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेकर कार्रवाई की। मामले को लेकर किसी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति नहीं बने, इसके लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे।

मस्तान बाबा उर्स एवं सेवा समिति बंजली द्वारा बंजली स्थित एक दरगाह परिसर में ह़जरत मस्तान बाबा रे.अ. एरोड्रम वाले के उर्स का आयोजन 6 मई को किया जाना प्रस्तावित था। इसकी शुरुआत 5 मई की रात 9 बजे से होनी थी। इसके लिए आयोजन समिति द्वारा दरगाह / मजार पर टेंट आदि लगाए गए थे और पोस्टर भी जगह-जगह लगवाए गए थे। आयोजन प्रशासन की अनुमति के बिना ही होना प्रस्तावित था जो प्रशासन की सख्ती के चलते ऐनवक्त पर निरस्त कर दिया गया है।

शिकायत हुई तो संज्ञान में आया मामला

उर्स का आयोजन उस समय खटाई में पड़ गया जब यह पता चला कि जिस दरगाह / मजार पर यह प्रस्तावित है वह विवादित होकर शासकीय जमीन पर स्थित है। प्रशासन के संज्ञान में यह जानकारी धामनोद नगर परिषद क्षेत्र के निवासी नरेन्द्र शर्मा (बंटी) द्वारा की गई लिखित शिकायत से आया। उन्होंने कलेक्टर सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से बिना अनुमति हो रहे आयोजन को रोकने की मांग की। उन्होंने विवादित दरगाह / मजार शासकीय जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए जाने को लेकर आरटीआई के तहत प्राप्त जानकारी भी उपलब्ध करवाई। शर्मा ने इस मामले में जिला स्तरीय जनसुनवाई में भी आवेदन देकर आयोजन रुकवाने तथा अवैध निर्माण हटाने की मांग की।

1956-57 से अब तक है सरकारी जमीन

शर्मा द्वारा शिकायत में बताया गया था कि उन्हें जिला प्रशासन द्वारा जो जानकारी उपलब्ध करवाई गई है उसके अनुसार सर्वे नंबर 44 की लगभग दो हेक्टेयर भूमि वर्ष 1956-57 से अब तक राजस्व रिकॉर्ड में शासकीय भूमि के रूप में दर्ज है। इसी भूमि पर कुछ वर्षों पूर्व अतिक्रमण कर एक छोटी संरचना बनाई गई थी, जो समय के साथ विस्तार लेते हुए एक बड़े धार्मिक परिसर का रूप ले चुकी है। आरोप यह भी है कि धीरे-धीरे पक्का निर्माण कर आसपास की भूमि को भी कब्जे में ले लिया गया है।

यहां देखें पूरा मामला

प्रशासन और पुलिस ने की संयुक्त मीटिंग

इस पूरे मामले को एसीएन टाइम्स ने भी प्रमुखता से उठाया था। इस बारे में कलेक्टर मिशा सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही प्रशासन और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से मीटिंग की गई। साथ ही पूरे मामले की मॉनिटरिंग भी की जा रही है। एसडीएम आर्ची हरित ने भी स्पष्ट किया था कि आयोजन के लिए अनुमति को लेकर उनके पास कोई आवेदन नहीं आया है जिससे साफ हो गया था कि उर्स बिना अनुमति के ही आयोजित करने का प्रयास हो रहा था जिसे प्रशासन ने नाकाम कर दिया।

यह भी देखें...

हिन्दू संगठनों का मिला समर्थन

सरकारी जमीन पर स्थित विवादित स्थान पर प्रस्तावित आयोजन के शिकायकर्ता को हिन्दू संगठनों और पदाधिकारियों को भी पूरा सहयोग और समर्थन मिला, सभी पूरे समय पूरे मामले में नजर रख रहे थे। अब सभी की नजरें प्रशासन के रुख पर है। सभी के जेहन में एक बड़ा सवाल कौंध रहा है कि प्रशासन ने आरटीआई के तहत दी गई जानकारी में जमीन सरकारी बताई है, उस पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन कब और क्या कदम उठाता है?

आयोजन के पोस्टर जो जगह-जगह लगाए गए थे

Niraj Kumar Shukla 1994 से अब तक पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। इस दौरान सांध्य दैनिक 'रतलाम दर्शन' और हिंदी दैनिक 'साभार दर्शन', 'चेतना', 'नवभारत' और 'दैनिक भास्कर' सहित विभिन्न समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं में पूर्णकालिक संवाददाता, उप-संपादक और समाचार संपादक जैसे दायित्वों का निर्वहन किया। हिंदी ब्लॉगर और स्वतंत्र लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहते हुए वर्तमान में समाचार पोर्टल www.acntimes.com के मुख्य संपादक के दायित्व में। वर्ष 2011 से अब तक मप्र सरकार से राज्य स्तरीय अधिमान्यता प्राप्त पत्रकार। पत्रकारिता में आने से पूर्व और बाद के कुछ वर्षों तक अध्यापन भी किया।