चड्डी-बनियान गैंग का खुलासा ! मास्टरमाइंड सहित 4 सदस्य गिरफ्तार, 1 फरार, दाहोद में ही बंद कर देते थे मोबाइल फोन, चड्डी-बनियान में करते थे वारदात
औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने चड्डी-बनियान गैंग से जुड़ी चोरी की घटनाओं में 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 8 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की। एक आरोपी फरार है।
दाहोद से ट्रेन में सवार होकर रतलाम आते थे आरोपी, 1200 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर पुलिस ने सुलझाए मामले
एसीएन टाइम्स @ रतलाम । शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में चोरियों को अंजाम देने वाले चड्डी-बनियान गैंग का औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी की वारदातों में शामिल तीन आरोपियों और चोरी का माल खरीदने वाले एक व्यापारी सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर करीब 8 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद की गई है। गैंग का एक सदस्य फरार है।
यह जानकारी पुराने पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित प्रेस वार्ता में एएसपी (रतलाम शहर) राकेश कुमार पन्द्रो ने दी। इस दौरान सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया भी मौजूद रहे। एएसपी ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की गई थी। जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि वारदातों में गुजरात के दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र के कुछ लोगों की संलिप्तता हो सकती है।
सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने कालू पिता भीमा उर्फ भीमजी (48) और नभला पिता भीमा उर्फ भीमजी (52) दोनों निवासी आमली/अमली, थाना जैसावाड़ा, जिला दाहोद (गुजरात) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। जांच में पुलिस ने मालाभाई पिता जोटाभाई उर्फ जोर सिंह मावी (56), निवासी तालाब फलिया, वाडवा, थाना जैसावाड़ा, जिला दाहोद (गुजरात) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, मालाभाई ने अपने साथियों के साथ मिलकर चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है। आरोपियों को धारा 331(4) और 305(ए), भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत दर्ज प्रकरण में गिरफ्तार किया है।
View this post on Instagram
जेवर खरीदने वाला व्यापारी भी पकड़ा
पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान चोरी के आभूषण मणिशंकर उर्फ पोपटलाल पिता केशवलाल पांचाल (74), निवासी आम्बली, थाना जैसावाड़ा, जिला दाहोद (गुजरात) को बेचने की जानकारी सामने आई। इसके आधार पर पुलिस ने मणिशंकर पांचाल को भी गिरफ्तार किया। वह व्यापारी है और चोरी के जेवर खरीदने के साथ उन्हें गिरवी भी रखता था।
ये भी पढ़ें
मास्टरमाइंड मालाभाई के खिलाफ 9 प्रकरण दर्ज
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मालाभाई इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसके विरुद्ध वर्ष 2006 से 2008 के दौरान नौ आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस गिरोह की अन्य वारदातों और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।
1200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले, छह दिन दाहोद में रही पुलिस टीम
चोरी की घटनाओं का खुलासा करने के लिए पुलिस ने घटनास्थलों के साथ-साथ संभावित रास्तों और आरोपियों के घरों तक के 1200 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में दिखाई देने वाले संदिग्धों की पहचान और उनके आवागमन के रास्तों का मिलान किया गया।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सबसे पहले कालू को पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों तक पहुंचने और चोरी का माल बरामद करने में मदद मिली। आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए रतलाम पुलिस को छह दिन तक गुजरात के दाहोद जिले में डेरा डालना पड़ा। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त करने की कार्रवाई करेगी। रिमांड के दौरान शहर में हुई अन्य चोरी की घटनाओं और संभावित सहयोगियों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
ये भी पढ़ें
सोने-चांदी के आभूषण और नकदी जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर चोरी का माल बरामद किया है। जब्त सामग्री में लगभग 1 किलो 200 ग्राम चांदी के आभूषण, 40 ग्राम सोने के आभूषण और 9 हजार रुपए नकद शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद आभूषणों और नकदी सहित कुल करीब 8 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया गया है।
मोबाइल फोन दाहोद में ही बंद कर सप्ताहांत में आते थे रतलाम
एएसपी ने बताया कि शंका है कि दाहोद जिले के जैसावाड़ा थाना क्षेत्र के कुछ लोग समूह बनाकर पिछले करीब आठ महीने से रतलाम की अलग-अलग कॉलोनियों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। आरोपी वारदात के दौरान चड्डी-बनियान पहनते थे, जिसके चलते इस गिरोह को चड्डी-बनियान गैंग कहा जा रहा है। जांच में सामने आए वारदात के तरीके के अनुसार, आरोपी सप्ताहांत में दाहोद से ट्रेन के जरिए रतलाम पहुंचते थे। रतलाम आने से पहले अपने मोबाइल फोन दाहोद में ही बंद करके छोड़ देते थे। यहां करीब दो दिन रुककर चोरी को अंजाम देते थे। इसके बाद दो-दो लोगों के समूह में बंटकर सामान्य कपड़े पहन लेते और वहां से निकल जाते थे।
आरोपी ताले तोड़ने और चोरी करने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण अपने बैग में रखते थे। दाहोद पहुंचने के बाद ही मोबाइल फोन चालू करते थे। पुलिस के मुताबिक, पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी पगडंडियों और खेतों की मेड़ों से होकर आवाजाही करते थे।
ये भी पढ़ें
एक आरोपी फरार, तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, मामले में संजयभाई पिता दलसिंह मावी, निवासी वाडवा, थाना जैसावाड़ा, जिला दाहोद (गुजरात), फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से अन्य चोरी की घटनाओं और संभावित सहयोगियों के बारे में पूछताछ जारी है।
रतलाम में इन स्थानों पर हुई थीं चोरी की वारदातें
- 16 अगस्त 2026 - राममंदिर क्षेत्र : यहां चोरी की एक वारदात में करीब 3 हजार रुपए की चोरी होना बताया गया है।
- 28 सितंबर 2026 – राजबाग : एक मकान को निशाना बनाकर करीब 30 हजार रुपए कीमत के चांदी के आभूषण चोरी किए जाने की जानकारी दी गई है।
- 30 सितंबर 2026 - विरियाखेड़ी : यहां एक वारदात में करीब 7 लाख 50 हजार रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और 6 हजार रुपए नकद चोरी हुए।
इनकी भूमिका सराहनीय रही
आरोपियों की गिरफ्तारी में उप निरीक्षक विनोद कटारा, निरीक्षक देवीलाल पाटीदार, ध्यानसिंह सोलंकी, प्रधान आरक्षक अनिल सोलंकी, नीलेश पाठक, अभिषेक पाठक, आरक्षक रवि चंदेल, गोविन्द गेहलोत, दीपक मकवाना और जीवन विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
ये भी पढ़ें











